एसपी मित्तल 6 जुलाई को 13वें दिन भी राजस्थान के कुख्यात अपराधी आनंदपाल के शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका। मृतक के परिजन और राजपूत समाज...
एसपी मित्तल
6 जुलाई को 13वें दिन भी राजस्थान के कुख्यात अपराधी आनंदपाल के शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका। मृतक के परिजन और राजपूत समाज आनंदपाल के एनकाउंटर की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहा है। हालांकि राज्य सरकार ने अभी तक भी परिजनों की किसी भी मांग को नहीं माना है। लेकिन 6 जुलाई को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह का समर्थन राजपूत समाज को मिल गया है।
6 जुलाई को अजमेर के सर्किट हाऊस में पत्रकारों से संवाद करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि आनंदपाल का एनकाउंटर फर्जी नहीं है तो फिर सरकार सीबीआई की जांच से क्यों डर रही है। आज राजस्थान का सम्पूर्ण राजपूत समाज आनंदपाल के लिए आंदोलन कर रहा है। राज्य की भाजपा सरकार को समाज के आंदोलन को गंभीरता से लेना चाहिए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे जाति की राजनीति नहीं करते हैं, लेकिन यदि पूरा समाज एकजुट हो तो फिर सरकार को कार्यवाही तो करनी ही चाहिए।
उन्होंने कहा कि आनंदपाल के मुद्दे पर उनकी करणी सेना के संस्थापक लोकेन्द्र सिंह कालवी से बात हुई थी। कालवी ने भी इस पूरे प्रकरण में सक्रिय भूमिका निभाई है।
आखिर क्यों आए दिग्विजय सिंह :
6 जुलाई को दिग्विजय सिंह अजमेर तब आए, जब राजस्थान में आनंदपाल सिंह की मौत का मामला गर्माया हुआ है। सिंह ने अजमेर आने का मुख्य कारण किशनगढ़ राजघराने से जुड़े पृथ्वीराज सिंह की पत्नी के निधन को बताया है। दिग्विजय सिंह किशनगढ़ में पृथ्वीराज सिंह के निवास पर संवेदना प्रकट करने भी गए। इसे एक संयोग ही कहा जाएगा कि एक दिन पहले ही आनंदपाल सिंह के वकील ए.पी. सिंह का सनसनीखेज आडियो उजागर हुआ है। इस आडियो में कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट का नाम भी आया है।