रायबरेली: बत्ती गुल कर पुलिस ने महिलाओं पर किया लाठीचार्ज, अर्चना श्रीवास्तव सहित कई गिरफ्तार


महताब खान
रायबरेली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के जनपद आगमन के साथ रायबरेली में नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ शुरू हुआ धरना उनके यहां से लौटते ही पुलिस ने बल पूर्वक समाप्त करा दिया।
लोकतंत्र के विपरीत पुलिस की यह अंधेरगर्दी रात के अंधेरे में अमल में लाई गई है। जिसमें पुरुष पुलिस कर्मियों की ओर से महिलाओं के साथ अभद्रता और लाठी चार्ज की भी खबर है।
जानकारी के अनुसार बुधवार से शुरू हुआ महिलाओं का यह प्रदर्शन बृहस्पतिवार की देर शाम तक शांतिपूर्वक चलता रहा। लेकिन दिन ढलते ही रात के अंधेरे में पुलिस की गतिविधियां संदिग्ध हो चुकी थी। पहले इजाफी फोर्स का आगमन फिर दुकानों को बंद कराने के साथ पुलिस के अमानवीय व्यवहार की आहट लोगों को महसूस होने लगी।
प्रत्यक्ष दर्शियो के अनुसार लाठी चार्ज से पहले पुलिस ने टाउन हॉल पर तमाम लाइटें बंद करा दीं उसके बाद भीड़ को खदेड़ना शुरू कर दिया। इस तरह पुलिस की आक्रमक कार्रवाई से मौके पर एकत्रित भीड़ तितर बितर हो गई।

साथ ही धरने का नेतृत्व कर रही एडवोकेट अर्चना श्रीवास्तव को जबरन पुलिस ने गाड़ी मे भर लिया जिनकी कोई खबर नहीं मिल पा रही है। लोगों को अंदेशा है कि पुलिस लाठीचार्ज के बीच उन्हें उठाकर ले गई है।
बहरहाल जनपद की उच्चाधिकारी के आवागमन के बाद पैदा हुए इस तरह के अनैतिक हालात को लेकर लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। साथ ही जनसामान्य के बीच प्रशासन का यह किरदार एक तरह से खलनायक की भूमिका क्रिएट करने वाला साबित हुआ है।

ऐसे माहौल में जनसामान्य के बीच सामंजस्य स्थापित किए बगैर एकतरफा बलपूर्वक समुदाय विशेष पर कार्रवाई सरकारी सिस्टम पर प्रश्नचिन्ह खड़े करती है।

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