दम तोड़ चुकी है यू.पी. की कानून व्यवस्था-ओ0पी0 यादव

भाजपा में 37 प्रतिशत विधायक, मंत्री गम्भीर अपराधों के आरोपी
सी.एम., डिप्टी सी.एम. व ला मिनिस्टर पर दर्ज है दर्जनों हत्या व हत्या के प्रयास के मुकदमें
भाजपा के संगठन में दिया जा रहा है अपराधियों को दायित्व
बेटियों के सामने पत्रकार की गोली मारकर हत्या
देश की सुरक्षा करने वाला सैनिक नहीं बचा सका पिता की जान
शासन-प्रशासन की अनसुनी के कारण बेटियाँ कर रहीं आत्म हत्या
इंसाफ की मांग को लेकर लोक भवन में किया महिला ने आत्मदाह
शिवाकांत अवस्थी
रायबरेली: सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ओ.पी. यादव ने उ0प्र0 में अपराध की बढ़ती हुई घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि, यू.पी. की कानून व्यवस्था दम तोड़ चुकी है।  प्रदेश में जंगलराज कायम है। इसका प्रमुख कारण है कि, उ0प्र0 में भाजपा के विधायक व मंत्रियों में से 37 प्रतिशत लोग गम्भीर अपराधों से आरोपित है। यही नहीं यू.पी. के सी.एम., डिप्टी सी.एम. व ला मिनिस्टर के ऊपर हत्या व हत्या के प्रयास दर्जनों मुकदमें पंजीकृत है। भाजपा के संगठन अपराधियों को सदस्यता देकर उन्हें पदों का दायित्व देकर नवाजा जाता है।  भाजपा की सदस्यता प्राप्त करते ही योगी सरकार में अनेक मुकदमों की वापसी शुरू हो जाती है।
      आपको बता दें कि, श्री यादव ने आगे कहा कि, योगी की ठोको नीति भी अपराध का ग्राफ बढ़ाने में कारगर साबित हो रही है। पुलिस से अधिक अपराधी दबंग बनकर ठोको नीति का अनुशरण कर रहे हैं। अपराधियों को संरक्षण व निर्दोषों का उत्पीड़न सरकार की नीति बन चुकी है। गाजियाबाद में खुलेआम दबंगों ने बेटियों के सामने पत्रकार विक्रम जोशी को गोली मारकर हत्या कर दी। लोकतंत्र के चैथे स्तम्भ की हत्या ने साबित कर दिया है कि, उ0प्र0 में कोई सुरक्षित नहीं है। 
     अमेठी में दिनदहाड़े राजेन्द्र मिश्रा की हत्या कर दी गयी।  मृतक का पुत्र सेना में है। देश की सुरक्षा करने वाला सैनिक अपने पिता की जान नहीं बचा सका।  शासन-प्रशासन की अनसुनी के कारण बेटियाँ आत्म हत्या करने को मजबूर हैं। बाराबंकी की एक बेटी ने पुलसिया अनसुनी के कारण आत्म हत्या कर ली।  इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही शोफिया नामक महिला ने लखनऊ में लोक भवन के सामने आत्मदाह करके अपनी जान दे दी। उ0प्र0 में आज कोई सुरक्षित नहीं है।
       यदि आप जीवित हैं, तो इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि, उ0प्र0 की कानून व्यवस्था ठीक है। इसका सीधा अर्थ यह है कि, या तो आपको मारने का किसी ने मन नहीं बनाया या आपकी स्वयं की सुरक्षा व्यवस्था है। श्री यादव ने उ0प्र0 के मुख्यमन्त्री से नैतिकता के आधार पर त्याग-पत्र की मांग की है।

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