बीएसए व डीआईओएस की नाक के नीचे कोविड-19 के दौरान भी संचालित हो रहे हैं विद्यालय।। Raebareli news ।।

शिवाकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: देश में कोरोना महामारी के प्रकोप के चलते किसी भी राज्य में सरकारी अथवा प्राइवेट शिक्षण संस्थान चाहे वह नर्सरी के हो, और चाहे वह प्राथमिक, या माध्यमिक अथवा उच्च शिक्षा के सभी संस्थान बंद चल रहे हैं, लेकिन रायबरेली जनपद में बीएसए और जिला विद्यालय निरीक्षक की नाक के नीचे एक दबंग परिवार द्वारा सरकारी दिशानिर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए खुलेआम 2 विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। जिनमें एक विद्यालय तो प्राथमिक स्तर का है। एक से पांच तक चलने वाले इस विद्यालय का नाम गयाबक्स सिंह स्मारक विद्यालय है। जो भदोखर स्थित संचालित है।
    इसी विद्यालय परिसर में एक और विद्यालय चल रहा है जिसमें हाईस्कूल और इंटर के छात्रों को भी नियमित रूप से क्लास लगा कर पढ़ाया जा रहा है। यह भी पता चला है कि, विद्यालय में बच्चों से हाई स्कूल बोर्ड शुल्क के नाम पर एक हजारों रुपए एवं इंटर के छात्रों से डेढ़ हजार रुपए वसूला जा रहा है। इस विद्यालय के बारे में छात्र-छात्राओं ने बताया कि, उन लोगों के यहां लॉकडाउन के दौरान भी कक्षाएं चलती रही है, और आज भी चल रही है।
    इतनी जानकारी मिलने के बाद हमारे संवाददाता ने विद्यालय के अंदर जाकर देखा, तो दोनों विद्यालय धड़ल्ले से चल रहे हैं। छात्र-छात्राएं भारी तादाद में वहां मौजूद मिले। जिसके बाद हमारे संवाददाता ने अध्यापक निक्की सिंह और सुगंधा सिंह से बातचीत की, तो पहले उन्होंने स्वीकार कर लिया कि, उनका विद्यालय एक से पांच तक मान्यता प्राप्त है। लेकिन हाईस्कूल और इंटर तक के बच्चों की पढ़ाई भी वह करते हैं।
    यह पूछे जाने पर कि, क्या जो छात्र छात्राओं ने फीस की दरें बताई है, यह ज्यादा नहीं है। क्योंकि कक्षा 1 से लेकर 5 तक के विद्यार्थियों ने बताया है कि, किसी से 200 रुपए, तो किसी से ढाई सौ रुपए और किसी किसी से 170 रुपए प्रति छात्र प्रतिमाह वसूला जा रहा है। यह फीस अलग अलग क्यों है, और वास्तविक फीस 120 रुपए से ज्यादा है।
    यह सुनते ही दोनों अध्यापकों ने बात प्रधानाध्यापक ऋषि सिंह को जाकर बताई। जो रिश्ते में इनके भाई लगते हैं। इस बात पर नाराज होकर ऋषि सिंह और निक्की सिंह तथा सुगंधा सिंह ने आवाज देकर चार पांच लोगों को बुला लिया जो आकर पूछने लगे कि, आप कौन हो, कहां से आए हो, इसी बीच अध्यापिका सुगंधा सिंह ने इस संवाददाता को अलग बुलाकर कहा कि, 10 हजार रुपए ले लीजिए और यहां से चले जाइए। जिस पर संवाददाता द्वारा इंकार करने पर मौजूद लड़कों ने इस संवाददाता के साथ अभद्रता शुरू कर दी, और यहां तक कहा कि, इसका समाचार चलाया तो अपने पैरों पर चल नहीं पाओगे। वह लोग बहुत ही शातिर और अपराधिक प्रवृत्ति के हैं।
    बातचीत के दौरान ही उन लड़कों ने धक्का देकर इस संवाददाता को बाहर निकाल दिया। अब समझ में यह नहीं आ रहा है कि, बीएसए और डीआईओएस की नाक के नीचे अवैध रूप से बगैर मान्यता के हाईस्कूल और इंटर की कक्षाएं चला रहे इन लोगों को ना तो सरकार का भय है, और ना ही कोरोना महामारी का भय है। अब देखना यह है कि, प्रशासन समाचार चलने के बाद, कोविड-19 के दौरान भदोखर स्थित गयाबक्स सिंह स्मारक विद्यालय के नाम से बिना खौफ संचालित किया जा रहा है और ऐसे गोरखधंधा करने वाले इन लोगों के खिलाफ कोई कार्यवाही करता है या नहीं, यह बात तो समय के गर्भ में है।

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