आधे से ज्यादा हिन्दुस्तानी ऐसी ही जिंदगी जी रहे, जानिए इस महिला की गरीबी का हाल

आवेश तिवारी 
चलिये आपको बताते हैं खबर कहाँ हो सकती थी। यह रामरती है एमपी के बालाघाट की । रायपुर के कबीरनगर में सड़कों पर भुट्टे बेंच रही हैं 20 के चार। इनके पति की रिपेयरिंग की दुकान थी
जो लॉकडाउन में बंद हो गई। एक बेटा पढ़ रहा था और दूसरा मोची का काम कर रहा था, मोची का काम भी बंद हो गया। जो थोड़ा बहुत जमा था वो लॉकडाउन के खत्म हो गया
अब फिर से रायपुर में दो सप्ताह का नया लॉकडाउन लगा है। यह 4 घण्टे की छूट में मकई बेंच रही हैं,जिस वो किसी से खरीद कर लाई है। कल 200 रुपये का बेचा था जिसके उन्हें 30 रुपये का मुनाफा मिला आज 40 रुपये मिलेंगे।
 कहती है आटे का जुगाड़ करूं तो सब्जी नही मिलती,सब्जी मिल जाए तो तेल नमक नही। आधे से ज्यादा हिन्दुस्तानी ऐसी ही जिंदगी जी रहे। लेकिन खबर कहीं नही है।

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