रॉफेल के बहाने कोरोना से कराहता राष्ट्रवाद भी नई उड़ान भरने के लिए लालायित है?


अपूर्व भारद्वाज 
रॉफेल उड़ चुका है..रॉफेल के बहाने कोरोना से कराहता राष्ट्रवाद भी नई उड़ान भरने के लिए लालायित है? राम, राफेल और राष्ट्रवाद कितना अच्छा अनुप्रास लगता है लगता है कि राष्ट्रवाद की भाषा में वीररस का छोंका लग गया है राष्ट्रवाद की बयार बह रही है राम, राफेल के सुंदर रूपक में रोटी,रोजगार कितने बदसूरत लग रहे है
मंदी की मार से मरते मिडिल क्लास को पिछले साल 5 अगस्त पर 370 रूपी राष्ट्रवाद का डोज  दिया गया था जो CAA और एनआरसी के ओवरडोज से दिल्ली दंगे जैसे साइड इफ़ेक्ट भी दे गया लेकिन 2020 में  मेट्रिक पास डॉक्टर  "साहब" कँहा चुकने वाले थे उन्हें पता था कि जैसे ही राष्ट्रवाद का डोज खत्म हुआ वैसे ही अशिक्षा, कुपोषण औऱ बेरोजगारी जैसे पुराने रोग उभरने लग जाएंगे जिसका इलाज 70 साल बड़े बड़े डॉक्टर नही खोज पाये तो वो तो ठहरे मेट्रिक पास 
आज लोकतंत्र में घोरपूंजीवाद आर्थिक व्यवस्था के आने से  हमारा मौलिक राजनीतिक संघर्ष खत्म हो चुका है।कम से कम मैं इसे स्वतंत्रता के लिए एक मौलिक खतरे के रूप में भी देखता है, देश को लोकतंत्र से दूर करने लिए छद्म रास्ट्रवाद के बहाने 6 सालो एक निरंतर प्रकिया चल रही है
आपके संघर्षों और  राजनीतिक प्रक्रिया को दबाने के लिए और नए अत्याचार का नेतृत्व करने के लिए अगले 4 साल का चार्टर को भी तैयार किया जा चुका है  विभिन्न प्रकार के शक्ति स्रोतों  अदालतें, संसद, चुनाव आयोग औऱ आवश्यक होने पर किसी आंदोलन का नेतृत्व करने में सक्षम प्रत्येक व्यक्ति को मूर्ख और देशद्रोही सिद्ध किया जा रहा है 
हो सकता है हाल की घटनाओं को आप नही समझ पा रहे है लेकिन मैं देख पा रहा हूँ कि एक  लोकलुभावन लोकतंत्र तानाशाही का रास्ता आसानी से बनाया जा रहा है । इस खतरे और इस प्रलोभन का विरोध करना आज के सच्चे देशभक्तों का पहला कर्तव्य है  याद रखिए जब कोई देश मांगे हुए हथियारों से छद्म राष्ट्रवाद लाने की कोशिश करता है वो सच्चे राष्ट्रवाद को युद्धवाद से दबाने की साजिश होती है 
मेरे लिए सबसे बड़ी देशभक्ति अपने देश की सरकारों को ये बताना है कि कब वो नकली देशभक्ति से नीचतापपूर्ण , मूर्खतापूर्ण और ,दोषपूर्ण व्यवहार कर रही है ताकि नकली भक्ति मर जाये और असली देश बच जाए 

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