शिवराज सिंह चौहान लोगों के दिमाग़ में शक पैदा कर रहे हैं, जानिए कैसे?


Dilip Khan
शिवराज सिंह चौहान लोगों के दिमाग़ में शक पैदा कर रहे हैं. एक तो अस्पताल में जिस अंदाज़ में उनसे विधायक दना-दन मिल रहे हैं, वो हैरतअंगेज़ है. दूसरा, वे जब कोरोना पॉजिटिव पाए गए तो अपने संपर्क में आने वाले सभी लोगों से उन्होंने क्वारंटीन रहने की अपील की.
जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट भी उनसे मिले थे. सिलावट ने ऐलान किया था कि वे होम क्वारंटीन में हैं. कल इंदौर में बीजेपी दफ़्तर में चुनावी बैठक हुई. इंदौर में कल पूर्ण लॉकडाउन था. बाहर घूमने की लोगों को इजाज़त नहीं थी, लेकिन बीजेपी दफ़्तर में सारे नेता पहुंच गए.
‘होम क्वारंटीन’ वाले तुलसी सिलावट भी पहुंच गए. बैठक के बाद जब उनसे ‘होम क्वारंटीन’ के बारे में पूछा गया तो दांत निपोड़कर उन्होंने कहा कि कार्यालय भी तो उनका घर ही है. कुछ दिन पहले की वो तस्वीरें याद कीजिए, जिनमें इंदौर नगर निगम के कर्मचारी ग़रीबों का ठेला पलटते हुए दिख रहे थे. तब, ‘सख़्ती’ का दावा किया जा रहा था. इनकी सारी 'सख़्ती' ग़रीबों के लिए है, बीजेपी के नेता नियमों से ऊपर हैं.
कोरोनावायरस के बीचो-बीच पैसों से बनी शिवराज सरकार के बयानों को याद कीजिए. जमात पर ‘लापरवाही’ का इल्जाम आपराधिक अंदाज़ में लगाया जा रहा था. लेकिन, उपचुनाव के लिए इनके मंत्रियों का बैठक में जाना जनसेवा है. कल को बिहार की तरह बीजेपी का मध्य प्रदेश दफ़्तर भी गढ़ बनें तो ‘मरकज़’ शब्द उचार लीजिएगा. और अगर सिलावट इतने कॉनफिडेंट हैं कि उन्हें कोरोना नहीं हुआ है तो इससे शिवराज के स्वास्थ्य को लेकर शक पैदा होता है.

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