अगस्त के बाद इन बैंकों में तालाबंदी तय है?


Soumitra Roy
बैंकों के लिए अच्छी खबर नहीं है। रिजर्व बैंक ने अपनी वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में आशंका जताई है कि मार्च 2021 तक बैंकों का सकल एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) बढ़कर 12.5 प्रतिशत हो सकता है। यह मार्च 2020 में 8.5 प्रतिशत था। यह दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक अनुपात में शुमार है। भक्त इस पर भी दिया जला सकते हैं।
आरबीआई का कहना है कि अगर माइक्रोइकॉनमिक एनवायरमेंट और बदतर होता है तो यह अनुपात 14.7 फीसदी तक जा सकता है। बैंकों को लोन बुक बेहतर करने के लिए अगस्त तक की मोहलत मिली है। अगस्त में इस मोहलत के खत्म होने के बाद कई बैंकों के लोन एनपीए में बदल सकते हैं।
आईसीआईसीआई बैंक से लेकर यस बैंक तक कई बैंकों ने पूंजी बढ़ाने के लिए शेयर बेचकर पूंजी जुटाने की घोषणा की है। इसकी वजह यही है कि उन्हें आने वाले दिनों में अपने लोन के एनपीए में बदलने का खटका है। यानी अगस्त के बाद कुछ बैंकों में तालाबंदी के लिए तैयार रहें। उससे पहले भाभीजी पापड़ खाकर राम मंदिर का दिया जलाना न भूलें। 

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