फिर शर्मसार हुई मानवता, क्या यही राम राज्य है?


Shakeeb Rahman
किसी ने सही कहा है कि जाति वो होती है जो कभी नहीं जाती है , मरने के बाद भी नहीं.....जीते जी तो मनुष्य को जाति के कारण प्रताड़ना झेलनी ही पड़ती है और चुभन तब बढ़ जाती है जब मौत के बाद ये मानवता को शर्मसार कर जाती है।
ऐसी ही शर्मसार करने वाली एक घटना आगरा में हुई है जब एक दलित महिला का दाह संस्कार को ऊंची जाति के लोगों ने  रोक दिया। शव को चिता पर से उठा दिया गया बाद में महिला का दाह संस्कार कहीं और हुआ...... कारण ....महिला दलित ( नट ) थी और वो श्मशान ऊंची जाति के लोगों के लिए था। इससे शर्मनाक बात और क्या हो सकती है ?
क्या ये घटना सभ्य समाज   के मुँह पर एक बदनुमा दाग नहीं है ? जब एक मृत महिला को सिर्फ़ उसकी जाति की वज़ह से मुखाग्नि से वंचित कर दिया गया। सबसे बड़ी विडम्बना देखिए .....इस सारी घटनाओं के समय योगी जी की पुलिस वहाँ तमाशबीन बनी रही। क्योंकि हटाने वाले ठाकुर जाति के लोग थें।
आप लोगों को याद होगा ....मार्च 2019 चुनाव के ठीक पहले , मोदी जी ने प्रयागराज में 5 दलितों के पैर धोएं थें। बताइए..... जिस सरकार में प्रधानमंत्री दलितों के पैर धोते हैं उसी सरकार में एक दलित महिला का शव चिता से वंचित कर दिया जाता है। क्या यही राम राज्य है ?

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