न खाने को रोटी न रहने को घर, बताओ योगी जी कैसे करे ये परिवार अपनी जिंदगी बसर


गणेश मौर्य 
अम्बेडकरनगर: जिले के जलालपुर क्षेत्र के ग्राम सभा कजपुरा निवासिनी जुलेखा खातून पत्नी स्व.निजामुद्दीन अपने बच्चों के साथ इधर उधर भटक रही है।
जानकारी के मुताबिक लगभग बीस वर्ष पूर्व वह अपने बीमार पति को लेकर हजपुरा बाजार आयी थी और उसकी समस्या को देखते हुए बाजार स्थित नवाब हुसैन प्राथमिक विद्यालय मे रहने व काम करने का मौका मिला, काफी दिन बाद उसे वहां से हटा दिया गया, उसके बाद वह कजपुरा मे एक व्यक्ति के यहाँ झाड़ू पोंछा व बर्तन आदि की सफाई का काम किया।लेकिन अब वहां से भी उसे यह कहकर हटा दिया गया कि अब काम नहीं है।
जुलेखा अपने बीमार पति के इलाज के लिए इधर उधर मेहनत मजदूरी करते हुए बच्चों की परवरिश कर रही है।लेकिन एक माह पहले लम्बी बीमारी के कारण उसके पति की मौत हो गई।जुलेखा ने बताया कि उसके पास न तो रहने के लिए घर हैं और न ही कमाई का कोई अन्य जरिया।हालांकि, उसका मुख्य धन्धा चूड़ी बेचने का है लेकिन धनाभाव के कारण वह यह कार्य भी नहीं कर पा रही है।
ग्राम प्रधान कजपुरा संजय राजभर व बाजार के वर्मा आयरन स्टोर के अशोक कुमार वर्मा द्वारा समय समय पर यथासंभव मदद की जाती है लेकिन वह मदद उसके लिए पर्याप्त नहीं होता।और वह कभी किसी की जमीन पर तो कभी किसी की जमीन पर पल्ली डालकर बच्चों के साथ जीवन काट रही है।लेकिन कजपुरा के कुछ बनिया लोग एकजुट होकर उसे भगाने के लिए कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
बनिया बिरादरी एकजुट होकर जिसकी जमीन पर वह पल्ली आदि डाल कर रह रही थी, पर अब उसे डरा धमका कर वहां से भगा दिया गया है। जुलेखा ने बताया कि वह काफी हद तक परेशान हो गई है, अब उसे सिर्फ अल्लाह का भरोसा है और वह इस संकट व दुख की घड़ी में किसी फरिश्ते का इन्तजार कर रही है।

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