छुट्टा पशुओं से किसान त्रस्त, जिम्मेदार मस्त।। Raebareli news ।।

शिवाकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: आवारा पशुओं से किसान आह भर रहे हैं। जिम्मेदार बेपरवाह बने हुए हैं। आवारा पशुओं से बचाव के लिए हालांकि गौशालाओं का निर्माण तो करवा दिया गया है। लेकिन अभी भी आवारा पशुओं के झुंड खेतों में पहुंचकर लगी फसलों को नष्ट कर रहे हैं। किसान फसलों की रखवाली में दिन-रात जुटे रहते हैं। इसके बावजूद भी अपनी गाढ़ी कमाई की फसलों को नहीं बचा पा रहे हैं।
      आपको बता दें कि, रायबरेली जिले की महराजगंज तहसील में तकरीबन नौ गौशाला में संचालित है, उसके बावजूद लगभग तीन हजार आवारा पशु छुट्टा घूम रहे हैं। महराजगंज ब्लॉक क्षेत्र में आवारा पशुओं का आतंक कुछ ज्यादा ही है। आवारा पशुओं के झुंड के झुंड घूमते नजर आ रहे हैं। इन झुंडों में अधिकांश जानवर हिंसक हो चुके हैं। मऊ के किसान रिंकू अवस्थी कहते हैं कि, रात को खेतों में अवारा पशुओं के झुंड आ जाते हैं। फसलों को चरकर व पैरों से रौंदकर चले जाते हैं। सुरक्षा के लिए खेत के चारों ओर तारों की बैरीकेटिंग लगा रखी है, लेकिन पशुओं के झुंड तारों की बैरी केटिंग को तोड़कर अथवा लांघकर खेतों में घुस जाते हैं। जब तक खेत में लोग उन्हें खेदने पहुंचते हैं। तब तक पशुओं के झुंड फसलों को नष्ट कर देते हैं।
      पूरे अहलादी मजरे मऊ गांव के रहने वाले किसान कल्लू पासी बताते हैं कि, अगर इन आवारा पशुओं की समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो फसलों को किसान नहीं बचा पाएंगे। किसान दिनेश मिश्रा बताते हैं कि, ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में आवारा पशुओं का जमघट किसानों के लिए चुनौती है। आवारा पशु फसलों को नष्ट कर रहे हैं। छुट्टा जानवर की अनवरत वृद्धि होने के कारण किसान परेशान हैं। अगर एक छुट्टा जानवरों को खेद कर हम ग्रामीण गौशाला ले जाते हैं, तो वहां इन्हें अंदर प्रवेश नहीं लिया जाता है। गौशालाओं में तैनात कर्मचारी कहते हैं कि, यहां क्षमता से ज्यादा पहले से ही जानवर बंद है।
       सत्यवान मिश्रा बताते हैं कि, फसल उगते ही आवारा पशु नष्ट कर देतें है। इस संबंध में कई बार तहसील और ब्लाक में बैठे उच्चाधिकारियों को बताया गया है। जिस पर अधिकारियों का कहना है कि, छुट्टा जानवरों से निजात पाने के लिए फसलों पर गोबर का छिड़काव करें, इससे फसलों को बचाया जा सकता है। उधर राम गांव के रहने वाले जितेंद्र तिवारी बताते हैं कि, आवारा पशु सैकड़ों बीघा फसलें बर्बाद कर रहे हैं, किसानों को खाने से ज्यादा आवारा पशुओं की सोच रखती है। किसानों की फसल ही बर्बाद हो जाएगी, तो क्या खाएगा किसान। उनका कहना है कि, सरकार ने आवारा पशुओं को पकड़ने की योजना तो चला दी है, लेकिन पकड़ने वाला कोई नहीं है। यह समस्या पूरे महराजगंज ब्लॉक क्षेत्र की है। किसान की हालत यह है कि, खाना न खा कर अपना खेत दिन रात रखवाली करके बचाता है। प्रधान, सचिव लेखपाल सहित अन्य अधिकारी तो मस्त है, लेकिन बेचारा किसान त्रस्त है। हजारों की तादात में आवारा पशु क्षेत्र में टहल रहे हैं। लेकिन कोई देखने वाला नहीं है।

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