ब्लॉक मुख्यालय पर कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद बेरोकटोक आवाजाही कर रहे लोग।। Raebareli news ।।

शिवाकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: जहां एक तरफ जनपद में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, तो वहीं लापरवाही भी बढ़ती जा रही है। महराजगंज ब्लॉक मुख्यालय पर तैनात मनरेगा के कंप्यूटर ऑपरेटर की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्थानीय प्रशासन लापरवाही बरत रहा है। जहां ब्लॉक मुख्यालय के अंदर लोगों की आवाजाही पर विराम लगना चाहिए, तो वहीं लोग बेरोकटोक आ जा रहे हैं, और जगह-जगह जमघट लगाए हुए हैं। ऐसे में यह लापरवाही सरकार से लेकर जिला तथा स्थानीय प्रशासन के लिए मुसीबत का सबब बन सकती है।
     आपको बता दें कि, ब्लॉक मुख्यालय पर तैनात मनरेगा का कंप्यूटर ऑपरेटर विगत 8 दिनों से बीमार चल रहा था, और ड्यूटी पर नहीं आ रहा था, बताते हैं कि, प्राइवेट लैब में उसने अपना टेस्ट कराया, तो परिणाम पॉजिटिव निकला। यह सूचना जब ब्लॉक कर्मियों को मिली तो हड़कंप मच गया। अब सवाल यह उठता है कि, ब्लॉक मुख्यालय पर मनरेगा कंप्यूटर पटल बहुत ही व्यस्त पटेल है। प्रायः उसके संपर्क में बड़ी तादाद में रोजगार सेवक, ग्राम प्रधान तथा ग्राम पंचायत विकास अधिकारी भी आते रहे हैं। 
     अब ऐसे में ब्लॉक मुख्यालय को कंटेंटमेंट जोन घोषित करना चाहिए था, ताकि उसके अंदर आवाजाही ना हो सके, और लोग सुरक्षित रहें। लेकिन प्रशासन की लापरवाही व सुस्ती की वजह से ब्लॉक मुख्यालय को खबर लिखे जाने तक सील नहीं किया गया है। लोगों की आवाजाही बेरोकटोक जारी है। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी सुरक्षा के इंतजाम कहीं दिखाई नहीं दे रहा है। नगर में लोग ना आ सके इसके लिए भी कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
     उधर क्षेत्रीय लोगों में चर्चा है कि, कोरोना संक्रमण मिलने के बाद क्या सारे नियम कानून गांव और ग्रामीणों पर ही लागू होते हैं। कस्बों और शहरों में यह नियम क्यों नहीं सरकार व प्रशासन द्वारा लागू किए जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का कहना है कि, जब किसी गांव में एक कोरोना पॉजिटिव मिलता है, तो यही प्रशासन के लोग जाकर उस गांव को ही नहीं, आसपास के गांवों के सभी रास्तों को भी आनन-फानन सील करा देते हैं, तो कस्बों और शहरों को क्यों सील नहीं कराया जाता। यह बहुत बड़ा सवाल जिसको लेकर संपूर्ण क्षेत्र में चर्चा जोरों पर है।
     इस बाबत जब इस संवाददाता ने सीएचसी महराजगंज के प्रभारी अधीक्षक डॉक्टर भावेश कुमार से बात की, तो उन्होंने बताया कि, सील कराना प्रशासन का काम है। स्वास्थ्य विभाग सिर्फ सेंपलिंग और जांच करा कर अपनी रिपोर्ट देता है। उन्होंने बताया कि, उनकी टीम ब्लॉक मुख्यालय पहुंच गई है और लोगों के सैंपलिंग का कार्य टीम द्वारा किया जा रहा है।
    जब वीडियो प्रवीण कुमार महराजगंज से बात की गई तो उन्होंने बताया कि, ब्लॉक मुख्यालय को सील करने के अभी तक कोई आदेश नहीं आए हैं, पूरे ब्लॉक मुख्यालय को सेनीटाइज करा दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम बुलाकर लोगों की सैंपलिंग कराई जा रही है। जब इस संवाददाता ने पूछा कि, ब्लॉक मुख्यालय के अंदर बेरोकटोक लोगों की आवाजाही बनी हुई है। तो उस पर वीडियो प्रवीण कुमार महराजगंज ने बताया कि, मुख्यालय पर अभी तक प्रवेश वर्जित नहीं किया गया है, और जो मनरेगा के कंप्यूटर ऑपरेटर की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। वह कर्मचारी 16 जुलाई 2020 से ब्लॉक मुख्यालय पर नहीं आ रहा था।

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