कोरोना से निपटने के लिए सरकार के पास नही कोई नीति-ई0 वीरेन्द्र यादव।। Raebareli news ।।

  

शिवाकांत अवस्थी

रायबरेली: समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष ई. वीरेन्द्र यादव ने कहा कि, प्रदेश में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित पूरे प्रदेश की हालत भयावह है।  इस महामारी से निपटने के लिए राज्य सरकार कोई नीति नहीं बना सकी है।  लखनऊ में सबसे अधिक सक्रिय केस है, लेकिन अस्पतालों में बेड सीमित संख्या में ही है।     

     आपको बता दें कि, ई0 वीरेंद्र यादव ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि, एसजीपीजीआई, केजीएमयू और राम मनोहर लोहिया अस्पताल के पास काफी बेड है, लेकिन कोरोना मरीजों के लिए चंद बेड ही आरक्षित किये गये हैं।  लखनऊ में सबसे अधिक भार निजी मेडिकल कालेजों पर है। एसजीपीजीआई, केजीएमयू और राम मनोहर लोहिया अस्पताल की बेड क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो रहा है। अब तक प्रदेश में कुल संक्रमित 1,31,935 मरीज मिल चुके हैं। इनमें 2176 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। 

      कोरोना मरीजों के मामले में कुल 22 देश है, जहाँ उत्तर प्रदेश से ज्यादा संक्रमित हैं। इसकी चपेट में मंत्री, विधायक, अधिकारी सभी आ रहे हैं।    राजधानी में एक वर्ष की मासूम बच्ची भी अपना जान गवां बैठी।    मुख्यमन्त्री कई बार अस्पतालों में बेड बढ़ाने का निर्देश दे चुके हैं, लेकिन अधिकारी अनसुना कर रहे हैं। अगर अधिकारी सरकार के निर्देश का पालन करते और पीजीआई, केजीएमयू व लोहिया चिकित्सा संस्थानों में क्षमतानुरूप कोविड बेड आरक्षित करते, तो तस्वीर कुछ और होती।

     शहर में कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।    राजधानी में मंगलवार को 831 नए मरीज मिले। कोविड अस्पतालों में बेड की संख्या रोगियों की तुलना में काफी कम हैं। यही कारण है कि, सरकार ने निजी अस्पतालों व मेडिकल कालेजों पर मरीजों की भर्ती का दबाव बढ़ा दिया है, कुछ इसी तरह का हाल लखनऊ के अन्य हास्पिटलोें का भी है, इस वैश्विक महामारी में भी लखनऊ में स्थित सभी हास्पिटल अपने दायित्व का निर्वाहन नहीं कर रहे हैं।     

      चिकित्सालयों द्वारा सरकार के निर्देशों की अवहेलना की जा रही है, जिस वजह से बड़ी संख्या में संक्रमित रोगियों को चिकित्सा सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, अगर देखा जाए, तो दिल्ली, मुम्बई और चेन्नई सहित सभी महानगरों में स्थित निजी चिकित्सालय इस वैश्विक लड़ाई में सरकार के कंधे के कंधा मिलाकर चल रहे हैं, इनका बड़ी संख्या में कोरोना मरीजों को लाभ मिल रहा है। श्री यादव ने कहा कि, संकट की स्थिति इसलिए भी है कि, भाजपा सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान नहीं दिया।  समाजवादी सरकार में जितने मेडिकल कालेज बने, एमबीबीएस की सीटों में बढ़ोत्तरी हुई भाजपा ने उसके आगे कुछ नहीं किया। 108 और 102 एम्बुलेंस सेवा बर्बाद कर दी गई।  अस्पतालों में निःशुल्क चिकित्सा की व्यवस्था की गई थी। आज सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था भी चरमरा गई है।

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