माँ से बेटे ने मांगे 100 रूपये, न देने पर मौत को गले लगाया


रातू रोड के आर्यपुरी स्थित सुशील सदन निवासी संजय कुमार पाठक के पुत्र प्रशांत शेखर पाठक उर्फ छोटू ने पंखे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. बताया जाता है कि उसने मां से सौ रुपये मांगे थे. मां ने मना किया तो अपने कमरे में गया और दरवाजा बंद कर आत्महत्या कर ली.

हालांकि घरवालों को जानकारी मिली तो उसे फंदे से उतार कर रिम्स ले गये, लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. इसके बाद में सुखदेवनगर पुलिस को जानकारी दी गयी़ कोरोना जांच के बाद शव का पोस्टमार्टम किया जायेगा़ प्रशांत योगदा कॉलेज में बीकॉम का छात्र था. वह लेखक व रांची विवि में इतिहास विभाग के एचओडी रहे डॉ सुशील माधव पाठक का परपोता था.

संजय पाठक जो योगदा कॉलेज में परीक्षा विभाग में कार्यरत हैं, ने बताया कि छोटू हमेशा अपनी मां से रुपये मांगते रहता था. कभी पैसे नहीं रहने पर वह मना कर देती थी तो वह चुपचाप चला जाता था.

बुधवार को दिन के तीन बजे उसने मां से सौ रुपये मांगे थे, लेकिन उनके पास 30 ही रुपये थे. लेकिन छोटू गुस्से में नहीं लिया. मां ने 50 रुपये देना चाहा तो भी नहीं लिया और फिर गुस्से में अपने कमरे में चला गया और दरवाजा बंद कर लिया. घरवालों ने सोचा कि वह पबजी खेल रहा होगा.

लेकिन शाम में जब घरवाले दरवाजा खुलवाने लगे तो नहीं खोला. बाद में दरवाजा तोड़कर देखा तो वह फंदे से लटका हुआ था. उसे उतार कर रिम्स ले जाया गया. वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. संजय ने बताया कि 13 अप्रैल को उनके पिता विश्वनाथ पाठक का निधन ब्रेन हेम्ब्रेज से हुआ था. प्रशांत के निधन की वजह से गुरुवार को योगदा कॉलेज बंद रहेगा.

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