जानिए भारत की मीडिया ने कोरोना से हुई मौतों से जुड़ी यह खबर क्यों दबा दी?


गिरीश मालवीय 
दो दिन पहले यूनाइटेड किंगडम ने कोरोना से हुई मौत की संख्या को घटा दिया और 100 या 200 नही घटाया पूरी 5000 मौतों को उन्होंने कोविड के खाते से हटा दिया, आप स्वंय वर्ल्ड मीटर साइट पर चेक कर लीजिए, सीधे 12 प्रतिशत घटा दी गयी है वहा मौतें, आज के हिसाब से कुल मौतें वहा 46 706 हुई है लेकिन इसे घटाकर 41329 कर दिया गया है
यह कल की खबर है लेकिन अब तक किसी हिंदी चैनल ने या अखबार ने  या वेबसाइट ने यह खबर नही दिखाई आप पूछेंगे कि क्यो नही दिखाई ? मैं बताता हूँ क्यो नही दिखाई !...क्योकि जैसे ब्रिटेन ने जांच कर यह कार्यवाही की है यदि वेसी ही जांच भारत मे हों तो अब तक कोविड से हो चुकी मौतों की संख्या आधी घटाना पड़ जाएगी?
इस बारे में कई बार आगाह कर रहा हूँ कि कोविड से मौतों को दर्ज करने के मानक दोषपूर्ण है ICMR दरअसल WHO के दबाव में आकर भारत के अस्पतालों में होने वाली ज्यादा से ज्यादा मौतों को कोविड के खाते में डाल रहा है,
आप जानते हैं ब्रिटेन जैसे देश मे वहाँ की सरकार ने क्या पाया ?........उन्होंने पाया कि  ऐसी मृत्यु को कोरोना में दर्ज किया गया जिसका बारे में पता लगा कि फरवरी में एक व्यक्ति को कोविड पॉजिटव पाया गया कुछ दिनों में वह  ठीक हो गया, लेकिन फिर जुलाई में एक बस से टकराया और उसे एक कोविड की मृत्यु के रूप में दर्ज कर दिया गया
इंदौर में जो मशहूर शायर राहत इंदौरी की मृत्यु हुई है उसे भी रिकॉर्ड में कोविड से हुई मृत्यु माना जाएगा जबकि मौत लगातार दो कार्डियक अरेस्ट से हुई है........मौत की सुबह उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव जरूर थी लेकिन वह कोरोना या कोरोना से होने वाली सांस की तकलीफ आदि से नही मरे
ओर यह बात सिर्फ राहत साहब के साथ नही हुई यह बात हजारों उन लोगों के साथ भी हुई जिनकी मौत को जबर्दस्ती कोविड से हुई मौत में तब्दील कर दिया गया
अगर ब्रिटेन द्वारा पाँच हजार मौतो को कोविड के खाते से हटाने की खबर अगर मीडिया दिखाता तो एक बड़ी बहस खड़ी हो जाती ऐसी ही मौतों पर ओर लोगो मे कोविड का पैनिक कम होता, मीडिया और सरकार चाहती है कि यह पैनिक बना रहे .........
इस बारे में पहले भी कई पोस्ट कर चुका हूँ ब्रिटेन वाली खबर भी आपको बता चुका हूँ .....लेकिन बुध्दिजीवी लोगो के अक्ल पर पत्थर पड़ गए हैं? उनसे तर्कपूर्ण बात भी करो उन्हें लिंक भी दो .....तो भी वो अपनी अक्ल इस्तेमाल नही कर रहे है

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