एटा: 40 हजार रूपए में 40 लाख की जमीन पर कब्जा करना चाहता है पत्रकार, पुलिस दे रही है साथ


मजलूमों के हक़ की आवाज उठाने वाले पत्रकार ही मजलूमों पर अत्याचार करने लगें और पुलिस भी पत्रकारों के आगे नतमस्तक हो जाये तो बताइए मजलूम न्याय की भीख मांगने कहाँ जाएगा? 
अमन पठान
मारहरा (एटा)। दैनिक जागरण के पत्रकार पर धोखाधड़ी से जमीन का बैनामा करा लेने का आरोप लगा है। पत्रकार 40 हजार रुपये में करीब 40 लाख रुपए की जमीन पर कब्जा करना चाहता है। पुलिस भी पत्रकार का साथ दे रही है।
दैनिक जागरण में बतौर संवाद सूत्र कार्यरत स्थानीय पत्रकार अमित सक्सेना उर्फ राजा पर अस्पताल चौराहा निवासी कन्हैया बाल्मीकि ने धोखाधड़ी से बैनामा करा लेने का आरोप लगाया है।
कन्हैया बाल्मीकि के अनुसार करीब 13 साल पहले उसने राजा पत्रकार से 40 हजार रुपये तीन प्रतिशत की ब्याज दर लिए थे। पत्रकार ने पैसे देने के एवज में कन्हैया से लिखा पढ़ी कराने की शर्त रखी। अशिक्षित कन्हैया ने पत्रकार की शर्त को मंजूर कर लिया और ब्याज पर पैसे लेने के लिए पत्रकार के दिशा निर्देश पर स्टाम्प पेपर पर लिखा पढ़ी करने के लिए राजी हो गया। पत्रकार ने तहसील में कई लोगों की मौजूदगी में लिखा पढ़ी कराई और कन्हैया को 40 हजार रुपए दे दिए।
अब कन्हैया का कहना है कि वह राजा पत्रकार को हर महीने 40 हजार रुपए की ब्याज देता रहा और पांच महीने पहले पूरा हिसाब कर दिया और लिखा पढ़ी वाले कागज मांगे तो लॉकडाउन का बहाना बनाकर कागज लौटने की बात को टाल दिया। जब कन्हैया ने दबाव बनाया तो पत्रकार ने जमीन का बैनामा होने का खुलासा कर दिया। जिसके बाद दोनों में काफी नोकझोंक हुई तो मामला थाने तक पहुंच गया।
थानाध्यक्ष जितेंद्र सिंह भदौरिया ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को सुना और दोनों पक्षों से आपसी सहमति से मामले को सुलझाने की सलाह दी लेकिन पत्रकार अपनी पहचान और पॉवर के दम पर कन्हैया और उसके परिवार का मानसिक शोषण कर रहा है। कन्हैया का आरोप है कि कभी राजा पत्रकार खुद आकर धमकाता है तो कभी पत्रकार के इशारे पर दरोगा तो कभी सिपाही आकर डरा धमकाते हैं। जिससे पीड़ित परिवार भयभीत है।
इस मामले में अमित सक्सेना उर्फ राजा का कहना है कि उन्होंने कन्हैया को ब्याज पर पैसा नही दिया बल्कि उन्होंने करीब 13 साल पहले 40 हजार रुपये देकर बाकायदा जमीन का बैनामा कराया है। जिसका नगर पालिका में दाखिल खारिज भी है। उस समय उन्होंने कब्जा नही लिया था। अब कन्हैया की नियत खराब को रही है इसलिए वह बेबुनियादी आरोप लगा रहा है।

राजा पत्रकार का जमीनी विवादों से गहरा नाता

सत्ता से संरक्षण प्राप्त दैनिक जागरण के पत्रकार अमित सक्सेना उर्फ राजा का जमीनी विवादों से गहरा नाता है। इस मामले को समझने के लिए वर्ष 2011 की दो घटनाओं को जानना भी जरूरी है। राजा पत्रकार ने वर्ष 2011 में हनुमान चौक पर एक विवादित जमीन को खरीदा था। जिसका बैनामा कराने के लिए भू-स्वामी को पंजाब से पकड़कर लाये थे और कम दामों में जमीन खरीदी थी। उक्त विवादित जमीन को तत्कालीन सत्ताधारी नेता भी खरीदना चाहता था। जिसको लेकर तहसील में बैनामा कराए जाने के दौरान खूब गहमा-गहमी हुई थी। माहौल को देखकर भू-स्वामी घबरा गया था और भू-स्वामी ने तत्कालीन सत्ताधारी नेता को बैनामा न करने के बजाय पत्रकार के भाई के नाम बैनामा किया था।
2011 की ये दूसरी घटना बेहद ही डरावनी है जो बिल्कुल ताजा घटना से मेल खा रही है। मोहल्ला चोबदार में पत्रकार ने एक विवादित जमीन को खरीदा था। विवादित जमीन के एक हिस्सेदार से पत्रकार का लेनदेन था लेकिन वो जमीन नही बेचना चाहता था। पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ तो पत्रकार सत्ता के नशे में इतना आगबबूला हो गया कि मोहल्ला चोबदार निवासी एक युवक को बस्ती चौराहे पर बेरहमी से पीटा और थाने की हवालात में बंद करा दिया।
तत्कालीन थानाध्यक्ष विनोद कुमार आर्या ने बिना लिखित तहरीर के हवालात में युवक को बंद किये जाने पर नाराजगी जाहिर की थी और घायल युवक का उपचार कराकर मामले को रफादफा किया था। लगातार कई विवादित मामलों में विजयश्री प्राप्त करने वाले पत्रकार के हौसले बुलंद हैं। ताजा घटना जिसका जीवांत उदाहरण है।

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