कोरोना वायरस को लेकर लगाईं गईं पाबंदियों को लेकर जर्मनी में लाखों लोग सड़कों पर उतरे


Hasan Jamal Zaidi 
लाखों लोग इस समय जर्मनी में सड़को पर आ गये है । वो प्रोटेस्ट कर रहे हैं इस कोरोना वायरस की वजह से लगाई गयी पाबंदियों का । इन लोगों का कहना है के हम मास्क हर वक्त नहीं लगा सकते । हमारे काम धंधे पट्ट हो रहे हैं ओर सरकारें लाकडाउन लगा रही है ।
  हमें ये "न्यू वर्ल्ड आर्डर " बिल्कुल पसंद नहीं । ओर हमे बिलगेट्स जैसे लोगो की वैक्सीन नहीं चाहिए । ये कोविड 19 की आड़ में गेम चल रहा है । ओर सरकारें इसमें पार्टी बनी हुई है ।
 अब ज़रा हमारे देश में देखिए यहां लाकडाऊन लगाना पड़ा हांलांकि तब केस कुछ भी नहीं थे । लेकिन ऐसा पैनिक फैलाया गया जैसे ये करोना सब कुछ लील जायेगा । ओर आज देखिए 17 लाख से ऊपर केस है ओर इसमें उन्हें भी अभी तक जोड़ा जा रहा है जो ठीक होकर घर जा चुके । ओर 40 हजार के करीब अब तक मर भी चुके । लेकिन अब लोग इतना नहीं डर रहे । वजह साफ है सबने अपने आस पास खुद देख लिया के कितना घातक है ओर कितना इसका डर फैलाया गया ।
  अब जब लगा के लोगों में इसका डर कम हो रहा है तो इसकी ब्रांडिंग कराई जा रही है । कुछ बड़े नामो के साथ ओर ये लोग 15 से 20 दिन में हाथ हिलाते हुए करोना योद्धा बनकर बाहर भी आ जायेंगे । लेकिन उन 20 दिन तक पैनिक फैलाते रहेंगे ।
वायरस है ठीक बात है लेकिन उसके साथ एक बड़ा गेम भी चल रहा है । अगर 10% वायरस है तो 90% गेम चल रहा है । ये भी ध्यान रखिए । अब जो ये लाखो लोग सड़कों पर है तो यहां वायरस क्यू नही स्प्रेड हो रहा ? अमेरिका में पिछले तीन दिनों तक सड़को पर लोगों ने बवाल काटा तब वहां तो ओर बुरी तरह फैलना चाहिए था लेकिन वहां पोजिशन वैसी ही बनी रही जैसे पहले चल रही थी । कोई जवाब देने वाला नहीं के जब इसकी कोई दवाई नहीं है तो लोग ठीक केसे हो रहे हैं ?
  जर्मनी की इस न्यूज़ को वेसी कवरेज नहीं मिल रही। बहुत ही सुस्ती के साथ कहीं कहीं दिखा रहे हैं के कुछ हजार लोग जमा हुए हैं । हमारे यहां भी किसी मीडिया को इसके खिलाफ लिखने की मनाही है ।  बहुत केस ऐसे सामने आये के घर में एक पोजेटिव है लेकिन उसी के साथ एक ही बैठ शेयर करने वाला दूसरा बंदा निगेटिव है ? How can be possible ?
जबकि यहां बताया जा रहा है के सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करिए इतनी दूरी बना कर रखो एप्प डाउनलोड करो । ये करो वो करो । रोज़ नये नये नियम । ससुरों ने आधा पागल बना कर रख दिया । नाश जाय इनका ।
  अब बिलगेट्स कह रहे है के ये बीमारी 2021 तक कहीं नहीं जाने वाली । सेकेंड वेव हिट होने जा रही है। 2021 तक हम वैक्सीन ले आयेंगे । ओर फिर बारी बारी सबके ठोकेंगे तब कहीं जाकर कंट्रोल होगा ।
ये वायरस सर्दियों में घातक हो सकता है । अभी तो हमारे यहां का मोसम इसके अनुकूल नहीं है । कोई इन ठग बेहरुपियो से पूछे के तब तक क्या करें ? ऐसे ही सब बंद किए बैठे रहे ? जबकि हमारे यहां इसका टम्परेरी इलाज बहुत लोगों ने खोज रखा है । ओर उससे फायदा भी हो रहा है । कोई आयुर्वेद मैं तो कोई देसी नुस्खों से । हमारे यहां जुगाड़ी लोगों का कभी अकाल नहीं पड़ा ।

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