तीन साल पहले कागजों पर बन चुके मार्ग का शिकायतकर्ता की हत्या के बाद शुरू हुआ निर्माण कार्य, जेल में है शिकायतकर्ता की हत्यारोपी प्रधान


महताब खान 
रायबरेली। विगत 30 जून को राही ब्लाक के बंदरामऊ गांव निवासी मुश्ताक हत्याकांड की घटना आज तक आप लोगों के जेहन में होगी। यह पूरा प्रकरण पंचायती राज विभाग के काले कारनामों पर आधारित था।
दरअसल बंदरामऊ गांव में ग्राम प्रधान द्वारा बिना कार्य कराए लगभग 800 मीटर इंटरलॉकिंग का बजट विभाग की मिलीभगत से हजम कर लिया गया। उसके बाद गांव के ही मुश्ताक ने जब इस पूरे भ्रष्टाचार की घटना को डीएम दफ्तर तक पहुंचाया तो एसपी ऑफिस से लौटते समय शारदा नहर पुल के पास ग्राम प्रधान और उसके साथियों ने मिलकर बुरी तरह उसकी पिटाई की। जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
हालांकि पुलिस प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया और शिकायत के बाद भी कार्यवाही न करने वाले मिल एरिया थाने के क्षेत्रीय दरोगा समेत दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही घटना भदोखर थाना क्षेत्र में घटी थी
लिहाजा संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस ने इस प्रकरण के सभी आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। लेकिन इस पूरी घटना के पीछे पंचायती राज विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का मामला आज भी जांच के दायरे में है। यही कारण है कि शनिवार को जेल में रहकर ग्राम प्रधान ने जिस इंटरलॉकिंग के नाम पर वर्षों पूर्व सरकारी धन का गबन किया था अब उसकी पोल खोलने से पहले निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ करा दी है।
उधर सनसनीखेज हत्याकांड के बाद भ्रष्टाचार के इस पूरे प्रकरण पर पंचायती राज विभाग के सहयोग से हो रही लीपापोती को लेकर काफी जनाक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में ग्राम प्रधान के साथ-साथ विभागीय मिलीभगत को उजागर कर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।
जिससे भविष्य में जनता के धन को बपौती मानकर डकारने की मंशा पाले सरकारी तंत्र और लोकतंत्र के प्रतिनिधियों को कड़ा सबक मिल सके। इस सम्बन्ध में जब खंड विकास अधिकारी और पंचायती राज विभाग से संपर्क कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो किसी भी अफसर में फोन रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा।

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