सुबह एक खबर चल पड़ी और व्हाट्सएप पर छा गई कि कोरोना वैक्सीन को मुफ्त में लगाया जायेगा, जानिए इसकी हकीकत


गिरीश मालवीय 
सुबह एक खबर चल पड़ी और व्हाट्सएप पर छा गई कि सीरम इंस्टिट्यूट और ऑक्‍सफर्ड-अस्‍त्राजेनेका की वैक्‍सीन COVISHIELD 73 दिन के भीतर बाजार में उपलब्‍ध हो जाएगी और सरकार राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम (एनआईपी) के तहत इस वैक्सीन को मुफ्त में नागरिकों को लगाएगी
मगर अब  कंपनी की सफाई आ गयी है उसका कहना है कि यह केवल कयास हैं। वैक्‍सीन बाजार में तभी आएगी जब ट्रायल सफल हों और रेगुलेटरी अप्रूवल मिल जाए। यह साल के अंत से पहले सम्भव ही नहीं है और फ्री में मिलने की बात भी झूठी है कंपनी का टीका निम्न और मध्यम आय श्रेणी में आने वाले देशों (LMICs) में महज 3 डॉलर (करीब 225 रुपये) में उपलब्ध करवाया जाएगा।
आखिर इस तरह की झूठी खबरे क्यों फैलाई जा रही है क्या रूस की वैक्सीन के बारे आ रही खबरों के प्रभाव को कंट्रोल किया जा रहा है ? क्या यह खबर जानबूझकर फैलाई  जाती है ताकि लगे कि सरकार कुछ काम कर रही है ? ........इसके पहले भी ऐसे झूठ बोले जा चुके हैं कि 15 अगस्त को कोरोना का टीका लांच होने जा रहा है बाद में यह खबर भी फुस्स हो गयी......
ध्यान देने की बात यह है कि ऐसी सब खबरे सूत्रों के हवाले से लिखी जाती है वह भी सरकारी नहीं किसी कम्पनी के सूत्रों के आधार पर  ....... दरअसल ऐसी खबरे प्रेशर वॉल्व का काम करती है किसी ने कहा है कि सच जब तक जूते पहनता है, झूठ आधी दुनिया का चक्कर लगा चुका होता है, झूठ फैलाओ और अपने समर्थको को मूर्ख और अंधभक्त बनाए रखो

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