BJP विधायक राजकुमार सहयोगी की पिटाई की पूरी कहानी


अलीगढ़: दो पक्षों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया था एक पक्ष हिंदू था तो दूसरा पक्ष मुसलमान था. गोंडा थाने की पुलिस ने दोनो तरफ से तहरीर लेकर दोनों पक्षों पर कानूनी कार्रवाई की थी विधायक जी चाह रहे थे कि केवल मुस्लिम पक्ष पर ही कानूनी कार्यवाही है और हिंदू पक्ष को बचाया जाए,
चुनाव जीतने के बाद कोई भी नेता या विधायक किसी एक समुदाय जाति का नहीं होता लेकिन यह विधायक जी की पराकाष्ठा देखिये पुलिस इंस्पेक्टर को सिर्फ इसलिए पीटा कि उसने दूसरे समुदाय की ओर से क्राँस FIR लिख दी थी
अगर हुई है तो चोटें दोनों पक्ष की आई होंगी तो फिर दोनों पक्षों ने प्रार्थना पत्र दिया होगा प्रार्थना पत्र के आधार पर पुलिस ने दोनों पक्षों की डॉक्टरी कराई होगी तो फिर दोनों पक्षों पर कार्यवाही पुलिस के द्वारा की जाती है कि आगे से यह लोग न लड़े।

पूरा घटनाक्रम वीडियो में देखें 


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