अब क्या बोलेंगे तथाकथित विज्ञान के झंडाबरदार ?


गिरीश मालवीय 
जो लोग कभी भी इस नोवेल कोरोना वायरस  के संपर्क में ही कभी नहीं आए, उनके शरीर में भी इस वायरस से लड़ने वाले एंटी बॉडी मिले है Nature जर्नल में यह स्टडी प्रकाशित की गई है. स्टडी के दौरान जर्मनी के ऐसे 68 वयस्कों के सैंपल की जांच की गई जो कभी भी कोरोना वायरस के संपर्क में नहीं आए थे.
जांच में पाया गया कि 35 फीसदी लोगों में ऐसे टी सेल्स मिले जो कोरोना वायरस से रिएक्टिव होते हैं.टी सेल्स इम्यून सिस्टम का हिस्सा होता है और शरीर को संक्रमण से बचाता है. 35 फीसदी लोगों में टी सेल रिएक्टिविटी मिलने के बाद ऐसा समझा जा रहा है कि इन लोगों का शरीर पहले कभी कोरोना जैसा ही संक्रमण का सामना कर चुका होगा.
स्टडी में शामिल जर्मनी और ब्रिटेन के रिसर्चर्स का कहना है कि संभवत: ये लोग पूर्व में कोरोना वायरस फैमिली के किसी अन्य वायरस के संपर्क में आए होंगे जिसकी वजह से इनके शरीर में टी सेल्स मौजूद हैं. लेकिन यदि ऐसा है तो हमे इतना डराया क्यों जा रहा है। ....... हजारो सालो से मनुष्य कोरोना वायरस से आसानी से लड़ता आया है हम इस बार भी जीत सकते है। ......लेकिन हमे यह विश्वास दिलाने के बजाए अपने अपने घरो में बंद रहने के लिए मजबूर किया जा रहा है। .........
कभी WHO को आपने हौसला बढ़ाते बयान देते हुए सुना है ? .....ये जो रिपोर्ट आयी है इसे कचरे के डिब्बे में डाल देगा WHO .......और कल को फिर एक नया डरावना बयान दे देगा। .......एक मित्र ने सही लिखा था WHO का फुलफॉर्म है WORLD HORROR ORGANIZATION
अब कुछ विज्ञान के झंडाबरदार आएँगे और कहेंगे कि विज्ञान में तो ऐसा ही होता है!.... नई बीमारी है हम क्या करे ? अरे आपके विज्ञान के चक्कर में हमारे पुरे जीवन का अर्थशास्त्र खराब हो रहा है भाई ! कुछ न कुछ तो बहुत गलत हो रहा है हमारे साथ।

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