CM योगी के गोरखपुर में बेटे को पीटते रहे डाक्‍टर, इलाज के अभाव में मां ने तोड़ दिया दम


गोरखपुर। बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में जूनियर डाक्‍टरों में गुंडागर्दी कम होने का नाम नहीं ले रही है। मरीजों को भर्ती न करना, मरीजों के साथ दुर्व्‍यवहार और मरीजों के परिजनों के साथ मारपीट करना के जूनियर डाक्‍टरों के कार्य का एक हिस्‍सा बनता जा रहा है।
बीते एक माह में यहां इलाज के अभाव में कई मरीजों की मौत हो गई है। बीते बुधवार को तो यहां के जूनियर डाक्‍टरों ने हद कर दी। यहां के जूनियर डाक्‍टर इलाज कराने आए एक व्‍यक्ति को उसकी बीमार मां के सामने पीटते रहे और इलाज के अभाव में युवक की मां ने दम तोड़ दिया।

मेडिकल कॉलेज में वार्ड नंबर 14 में मां के इलाज के लिए पहुंचे बेटे से जूनियर डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने मारपीट की। बेटे का आरोप है कि डॉक्टरों ने मां को नहीं देखा। उल्टे मारपीट करने लगे। इसकी वजह से बिना इलाज के ही मां की मौत हो गई। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से करने की बात कही है।

संतकबीर नगर से इलाज कराने आया था गोरखपुर

संतकबीरनगर जिले के घनघटा के मुठही कला निवासी सुमित उर्फ रोहित की मां 65 वर्षीय सीता देवी को बुधवार की सुबह हार्ट अटैक आया। वह पहले संतकबीरनगर के एक निजी अस्पताल में लेकर गए। डॉक्टरों ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। वह मां को लेकर बीआरडी के ट्रामा सेंटर पहुंचे। डॉक्टरों ने 14 नंबर वार्ड में जाने को कहा।
वार्ड में पहुंचने के बाद उन्होंने डॉक्टर से मां को देखने का अनुरोध किया। रोहित का आरोप है कि डॉक्टर ने 15 मिनट में वार्ड में पहुंचकर मरीज को देखने की बात कही। लेकिन वह आधा घंटे तक नहीं आए। इसके बाद फिर से डॉक्टर के पास गए तो वह अपशब्द कहने लगे। विरोध करने पर डॉक्टर ने खुद पीटा साथ ही उनके साथ मौजूद कर्मियों ने भी पिटाई की। इस बीच वार्ड में बिना इलाज के ही मां की मौत हो गई। वह मां का शव लेकर घर चले गए।

मेडिकल कालेज में हो चुकी हैं कई घटनाएं

बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में इस तरह की घटनाएं आए दिन होती रहती हैं। बीते दिनों एक गंभीर मरीज मेडिकल कालेज में तड़प तड़प कर मर गया लेकिन डाक्‍टरों ने उसे भर्ती नहीं किया। मारपीट में घायल एक व्‍यक्ति मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में घंटों तड़पता रहा लेकिन डाक्‍टरों ने उसे भी भर्ती नहीं किया और उसकी जान चली गई।
वरिष्‍ठ पत्रकार उपेंद्र मिश्र की मौत भी यहां के चिकिस्तकों की लापरवाही के कारण हो गई थी। गंभीर दशा में उन्‍हें परिजन लेकर मेडिकल कॉलेज आए थे लेकिन यहां डाक्‍टरों ने उन्‍हें भर्ती नहीं किया और यहां से निजी अस्‍पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई थी। उपेन्‍द्र मिश्र बेटी अर्चना मिश्रा ने डाक्‍टरों की इस लापरवाही को मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री तक ले जाने की बात कही है। अर्चना मिश्रा भी एक प्रतिष्ठित निजी राष्‍ट्रीय न्‍यूज चैैैैनल में वरिष्‍ठ पत्रकार हैं।

प्राचार्य ने पल्‍ला झाड़ा

इस मामले में बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा हुआ है यह बेहद गंभीर हैं। मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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