अब अमेरिका की सरकारी एजेंसियां H-1B वीजा धारकों को नौकरी पर नहीं रख सकेंगी


गिरीश मालवीय 
मोदी जी के परम् मित्र दोलाण्ड ट्रम्प ने ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए है जिसके तहत अब अमेरिका की सरकारी एजेंसियां H-1B वीजा धारकों को नौकरी पर नहीं रख सकेंगी दरअसल भारतीय नागरिक एच-1बी वीजा पाने वाले सबसे बड़े लाभार्थी हैं। 
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि उनका प्रशासन सस्ते विदेशी श्रमिकों के चलते अमेरिकियों का हक नहीं बर्दाश्त करेगा. ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार यह बर्दाश्त नहीं करेगी कि सस्ते विदेशी श्रमिकों के लिए कड़ी मेहनत करने वाले अमेरिकी नागरिकों को नौकरी से हटाया जाए.
H-1B वीजा एक गैर-आप्रवासी वीजा है जो अमेरिकी में हाई स्किल्स विदेशी कर्मचारियों को काम करने की अनुमति देता है। दरअसल, तकनीक के क्षेत्र में कंपनियां हर साल भारत और चीन जैसे देशों से लाखों कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए इसपर ही निर्भर है।
नियमों के मुताबिक नौकरी छोड़ने के 60 दिनों के अंदर एच- 1 वीजा धारकों को अपने परिवार के साथ अमेरिका छोड़ना पड़ता है। मौजूदा आर्थिक संकट के कारण लोगों को अमेरिका के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर छंटनी का डर सता रहा है, जो आने वाले हफ्तों और महीनों में और बिगड़ सकता है.........
वैसे जितने भी NRI है वो कट्टर अंधभक्त बने बैठे हुए थे उनके विवेक का मुंडन हो चुका है ( रिमेंबर विवेकामुण्डन ?)  इसलिए सही भी है वैसे भी मोदी जी हर साल दो करोड़ रोजगार हम भारतीय बेरोजगारों को दे रहे है इसलिए H-1B वीजा का आवेदन करने वाले निराश न हो बीजेपी आईटी सेल में उनके जैसे काबिल मूर्खो लिए बहुत जगह है। ......आए हवाई अड्डों पर जोर जोर से जय श्री राम का भी नारा लगाए

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