महराजगंज एसडीएम ने घूसखोर लेखपाल को तत्काल प्रभाव से किया सस्पेंड।। Raebareli news ।।

किसान से खेत की सही नाप करने को लेकर ₹5000 घूस लेने का आरोप, वीडियो हुआ था वायरल
शिवाकांत अवस्थी
शिवगढ़/रायबरेली: विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत दहिगावा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उप जिला अधिकारी महराजगंज विनय कुमार मिश्रा ने क्षेत्रीय लेखपाल को निलंबित कर दिया।
      गौरतलब हो कि, हल्का लेखपाल पर दहिगावां के एक किसान ने घूस लेने का आरोप लगाते हुए जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसका वीडियो वायरल होते ही  एसडीएम महराजगंज ने  लेखपाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। यह क्षेत्र में एक बानगी मात्र है। कई ऐसे लेखपाल हैं, जिन्होंने फर्जी वृक्षारोपण आवंटन के नाम पर ग्राम प्रधानों की सांठगांठ के माध्यम से मोटी रकम वसूलने का जरिया बना रखा है। 
    शासन द्वारा वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए सभी तहसीलदारों को तहसील स्तर पर किसानों को 30 वर्ष के लिए वृक्षारोपण करने के लिए भूमि आवंटन का आदेश दिया है।जिसका फायदा उठाते हुए ग्राम पंचायत के प्रधान व क्षेत्रीय लेखपाल साठगांठ करके आवंटन के नाम पर भोली जनता को ठगी का शिकार बना रहे हैं, और मोटी रकम वसूल रहे हैं। भाजपा शासनकाल में लोगों को भले ही न्याय की उम्मीद रही हो, किंतु वर्तमान में अफसरशाही बेलगाम हो चुकी है। 
     थाना क्षेत्र के दहिगांवा के रहने वाले अयोध्या प्रसाद मौर्य ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है कि, हल्का लेखपाल रामसमुझ ने खेत के सही माप को लेकर के  किसान को अपने घर बुलाया, किसान से बोला कि, ₹10, 000 दे दो, तो आपके खेत की सही माप हो जाएगी। किसान के पास ₹10,000 नहीं थे।   किसान ने ₹5000 ही लेखपाल को दिए। लेकिन किसान ने चतुराई से पैसे देते समय इसका वीडियो भी बना लिया था। जब किसान ने बाकी के  ₹5000 नहीं दिए, तो लेखपाल ने किसान के ऊपर बार-बार  दबाव बनना शुरू कर दिया, कि बाकी पैसे दो नही तो सही माप नहीं करेंगे। जिससे परेशान किसान ने बुधवार को जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवा दी है। 
    उधर दहियावां ग्राम पंचायत के हल्का लेखपाल रामसमुझ ने बताया कि, यह वीडियो उनका नहीं है। फर्जी बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने किसी से पैसा नहीं मांगा है, और न लिया है।
     उपजिला अधिकारी महराजगंज विनय कुमार मिश्रा नेे बताया कि, दहिगवां लेखपाल का वीडियो वायरल हुआ था, जिसकी जांच कराते हुए उसे तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।

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