डलमऊ प्रभारी की बेहतर कार्यशैली से जनता के दिलो में बसे डलमऊ कोतवाली प्रभारी श्रीराम।। Raebareli news ।।

  

शिवाकांत अवस्थी

डलमऊ/रायबरेली-अपनी कार्यशैली से डलमऊ की जनता के दिलों में राज करने वाले कोतवाली प्रभारी श्रीराम अपने कार्यकाल में ऐसा कर दिखाया, जो वाकई काबिले तारीफ है। श्रीराम ने न केवल अच्छी पुलिसिंग की है, बल्कि वह सरकार के दिशा निर्देशों का पालन कराने के लिए कोविड-19 से बचने के लिए गाइडलाइन का पालन भी लोगों को शत प्रतिशत करा रहे हैं।

    आपको बता दें कि, पुलिस पर प्रायः घूसखोरी व ड्यूटी न करने तथा फरियादियों की फरियाद को ना सुनने जैसे आरोप लगा करते है। लेकिन जब पुलिस अपनी नींद खराब करके रात भर ड्यूटी कर रही होती है। जिस वजह से हम लोग अपने आप को महफूज समझते हैं। अगर पुलिस ना हो तो अपराध में ग्राफ तो बढ़ेगा, साथ ही हम लोग सड़को पर महफूज भी ना रह सकेगें। अगर बात की जाए डलमऊ के कोतवाल श्रीराम की, तो उन्होंने लखनऊ के आने के बाद जैसे ही रायबरेली जनपद में अपनी आमद दर्ज कराई थी, तो कप्तान ने उनकी अच्छी कार्यशैली पर शिवगढ़ थाने का चार्ज दिया था। जहां पर वह क्राइम को कंट्रोल करने में सफल भी हुए थे। 

     उसके बाद उन्हें यूपी डायल 112 का प्रभारी बनाया गया था। जहां पर उन्होंने डायल 112 पर भी बेहतर परिणाम दिए थे। उनके बेहतर परिणाम को देखते हुए कप्तान ने उन्हें डलमऊ का चार्ज दिया था, और डलमऊ में कार्तिक पूर्णिमा जैसा पर्व पर चाहे सकुशल मेला कराने की बात रही हो और चाहे एक बड़े अफसर से डलमऊ के शमशान घाट पर कुछ तीर्थ पुरोहितों से आपसी मनमुटाव की बात रही हो, सभी मामलों को कोतवाली प्रभारी ने अपनी बेदाग छवि और शानदार कार्यशैली की वजह से कार्य को प्रस्तुत किया था। जो वाकई काबिले तारीफ है। कोतवाल श्रीराम ने अलग हटकर एक नई पहचान बनाई है। 

    डलमऊ कोतवाल श्रीराम ने बातचीत में कहा कि, पुलिस की ड्यूटी करने से पहले हमें अपने परिवार से अलग होना पड़ता है, जबकि आम जनता अपने परिवार से दूर ही नहीं रहना चाहती। हम सुबह अपने परिवार से मिलकर जब घर से निकलते हैं, तो सोचते हैं कि, आज कुछ अच्छा होगा, वहीं पुलिसकर्मी रोजाना कड़ी परिश्रम करने के बाद सोते है और उन्हीं परेशानियों के साथ सुबह जागते है। जबकि हम लोग जहां पर ड्यूटी करते हैं वहां पर ना तो हमारा घर होता है और ना ही हमारे परिवार के लोग होते हैं। हम पुलिस वालों का फर्ज होता है कि, समाज की रक्षा करें।

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