1 से 31 अक्टूबर तक चलेगा तृतीय विशेष संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियान।। Raebareli news ।।

 



फोटो-कलेक्ट्रेट के विकास भवन में तृतीय संचारी रोग नियंत्रण अभियान की बैठक करते हुए सीडीओ व सीएमओ

दिमागी बुखार से जंग की दस्तक जन-जन से जोड़ों अभियान को  

    शिवाकान्त अवस्थी                                                               रायबरेली: एक्यूटइन्सेफलाइटिस सिंड्रोम या दिमागी बुखार एक गम्भीर बीमारी है। जिसके कारण मृत्यु या अपगता भी हो सकती है। कोई भी बुखार दिमागी बुखार हो सकता है, इसलिए बुखार को नजरदाज नही करना चाहिए। इसी क्रम में 1 से 31 अक्टूबर तक तृतीय विशेष संचारी रोग नियंत्रण दिमागी बुखार से लड़ने के लिए दस्तक अभियान शुरू किया जा रहा है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 वीरेन्द्र सिंह सहित समस्त एमओआईसी अन्य समन्वयक विभागों को निर्देश दिये है कि, तृतीय संचारी रोग नियंत्रण अभियान को प्रभारी तरीके से चलाये तथा सफल बनाये। कोविड-19 कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत रखते हुए विशेष संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियान के प्रति भी जागरूकता को बढ़ाना चाहिए, तथा अभियान को जन-जन से जोड़ने का आहवान किया गया, और बचाव बीमारियों में महत्वपूर्ण तरीका है, जिसे जानना चाहिए। अभियान के अन्तर्गत प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर दस्तक सामाजिक दूरी बनाते हुए व मास्क का प्रयोग करते हुए दें, और दिमागी बुखार से बचाव और उपचार के तरीके बताएगे। वह लोगों को बताएंगे कि, बुखार आते ही मरीज को नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाए, अपने घरों में और आस-पास सफाई रखें, जल भराव न होने दें, मच्छरों तथा चुहे-छछून्दरों से बचाव करें, स्वच्छ पेय जल का उपयोग करें और पशु-बाड़ों में सफाई रखें। या छोटे-छोटे उपाय बीमारियों के प्रकोप तथा इन से होने वाली क्षति को काफी हद तक कम कर सकते है।


     आपको पता नहीं कि, जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल ने बचत भवन के सभागार में तृतीय संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान की अन्र्तविभागीय समीक्षा बैठक करते हुए कहा कि, कोविड-19 के संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रोटोकाल सरकार द्वारा किये जा रहे, उपचार प्रयास सोशल डिस्टेसिंग व मास्क आदि के साथ घर-घर दस्तक के माध्यम से किया जा जाये। दिमागी बुखार को नियंत्रित करने से सबसे बड़ी समस्या इलाज में देरी है। दस्तक अभियान दिमागी बुखार से बचाव एवं नियंत्रण के लिए व्यवहार परिवर्तन संचार अभियान है। इस में स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर 1-15 वर्ष के आयु के बच्चों के माता-पिता को बीमारी से बचाव एवं उपचार की जानकारी देगे। कोई भी बीमारी दिमागी बुखार हो सकता है। ऐसी स्थिति में इलाज में देरी न की जाये। मुख्य विकास अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि, स्वास्थ्य विभाग की अगुवाई में चलाए जा रहे संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियान ग्राम समाज, पंचायती राज, नगरीय विकास शिक्षा, बाल विकास परियोजना, कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य, समाज कल्याण विभाग का संयुक्त प्रयास है, वे भागीदारी कर रहे है। 


      मुख्य विकास अधिकारी व मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 वीरेन्द्र सिंह ने सभी सीएमओआईसी सहित आदि अधिकारियों को निर्देश दिये कि, इस अभियान के अन्तर्गत 1 से 31 अक्टूबर के बीच जन जागरूक भी किया जायेगा।    अभियान के दौरान जानकारी के साथ दिमागी बुखार पर चैतरफावार भी होगा, जिसमें नियमित टीकाकरण के अन्तर्गत जेई टीकाकारण, मच्छरों से बचाव के लिए फाॅगिंग, बुखार ग्रस्त कटाई, नालियों की सफाई, हैण्डपम्पों की मरम्मत और शौचालय निर्माण आदि शामिल है। प्रत्येक बच्चा अनमोल है, और सही जानकारी एवं सही समय पर दिया गया इलाज उनकी जान बचा सकता है। बैठक में प्रोजेक्टर के माध्यम से अभियान के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया।


     इस मौके पर सीएमएस एन0के0 श्रीवास्तव, एसीएमओं, जिला मलेरिया अधिकारी रितु श्रीवास्तव सहित एडी सूचना प्रमोद कुमार समस्त एमओआईसी व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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