यूपी पुलिस में नौकरी के नाम पर लड़कियों के शारीरिक शोषण का खुलासा


Shakeeb Rahman
बात योगी जी के तथाकथित रामराज्य की है। उत्तर प्रदेश पुलिस की महिला पुलिस कर्मियों ने डीजीपी को एक पत्र लिखा है और पुलिस अधिकारियों द्वारा शारीरिक शोषण से बचाने की गुहार लगाई गई है...
डीजीपी को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि 'जब से यूपी 100 ( वर्तमान में यूपी - 112 )  खुला है तब से महिलाओं का शोषण बढ़ गया है। नई लड़कियों को छांटकर पहले उनकी नियुक्ति यूपी 112 में की जाती है फिर रेडियो मुख्यालय लखनऊ में पोस्टिंग के लिए सौदेबाजी  में शारीरिक शोषण का दबाव बनाया जाता है।'
'हम प्रार्थिनी गण पुलिस वायरलेस मुख्यालय में सहायक परिचालक पद पर भर्ती हुए थीं वर्तमान में प्रधान परिचालक पद पर कार्य कर रहीं हूँ। पुलिस रेडियो विभाग में महिला कर्मियों हेतु अलग से स्थानांतरण नीति नही बनी हुई है इसका फायदा उठाकर इस विभाग में महिला कर्मियों का खुलेआम शारीरिक और मानसिक शोषण किया जाता है।'
सिर इतना ही नहीं पत्र में आगे कहा गया है कि ' हम नई महिला कर्मियों की दशा देह व्यापार करने वाली महिलाओं से भी बदतर है तीन लड़कियां आत्महत्या कर चुकी हैं , अब कई और आत्महत्या करने वाली है' ....
इस पत्र को पढ़कर सहज ही समझा जा सकता है कि स्तिथि कितनी भयावह है। क्योंकि सरकारी विभाग में आवाज़ उठाना आसान काम नहीं है और पुलिस महकमें में तो दुरूह कार्य है...क्योंकि आवाज़ उठाने वालों पर बदले की कार्रवाई होने की पूरी सम्भवना होती है....अगर महिला कर्मियों ने हिम्मत करके लिखा है तो ये समझा जा सकता है कि वो किस मानसिक अवस्था से गुजर रहीं होंगी....यूँ ही कोई देह व्यापार करने वाली से तुलना नहीं करेगी....
 ये सत्ता का चरित्र है कि जब भी उसमे तानाशाही तत्व प्रबल होता है तब - तब निचले स्तर के कर्मियों का शोषण बढ़ जाता है क्योंकि शोषकों ( उच्च अधिकारियों ) को पता होता है कि व्यवस्था उन्हें बचा लेगा....
अब देखिए इस पत्र पर उचित जाँच होकर दोषियों  पर कार्रवाई होती है या शिकायत करने वाली महिला कर्मियों को ही रगड़ा जाता है....


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