हरियाणा के किसान लाठी खाते हैं, मगर आप टीवी पर क्या देखते हैं ?


रवीश कुमार 
शुक्रवार के दिन कई संदेश आए। हरियाणा के किसान मुझे धन्यवाद दे रहे थे कि किसी चैनल ने कवर नहीं किया, मैंने दिखाया। मैं हैरान था। मेरा कवरेज़ बेहद सतही था। उसमें कुछ ख़ास नहीं था। इसके लिए भी वो शुक्रिया अदा कर रहे थे। इसका मतलब है कि एक दर्शक की तरह किसानों को इतना ही ठीक लगा कि उनके प्रदर्शन का वीडियो एक चैनल पर चलते दिखा। यानी मेरी वाली समस्या कवर हो गई। कैसे कवर हुई, उसकी सूचनाएँ विस्तृत थीं या नहीं इससे कोई मतलब। ये उन किसानों का हाल हैं जो उस रिपोर्ट में शामिल थे।
केंद्र सरकार के तीन कृषि सुधार से संबंधित अध्यादेश पर मैंने एक पूरा प्राइम टाइम किया था। देवेंद्र शर्मा ने उसमें काफ़ी कुछ विस्तार से बताया था।किसी किसान के संदेश में उस शो का ज़िक्र नहीं था। सब कह रहे थे कि मुझे प्राइम टाइम करना चाहिए। जब किया तो देखा तक नहीं। तो अजीब लगा कि किसान को अपना मुद्दा तभी देखना है जब पुलिस उन पर लाठी चार्ज करती है? जब हमने पूरे रिसर्च के साथ दिखाया तो फिर किसानों ने क्यों नहीं देखा?
मैंने संदेश भेजने वाले किसानों से कुछ सवाल किए। इस लाठी कांड से पहले आपके लोग चैनलों पर क्या देख रहे थे ?
अगर वे गोदी मीडिया देख रहे थे तो उसमें कब उन्हें किसान या बेरोज़गार दिखा है? क्या तब उन्हें पता नहीं चला कि उनके प्रसारण से जनता ग़ायब है। क्या तब किसानों को नहीं लगा कि जब बाक़ी जनता ग़ायब है तो वे भी एक दिन ग़ायब कर दिए जाएँगे? मीडिया की आलोचना सामने है। दर्शक को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उसे तो एक कमरे में बंद कर दिया गया है। हर खिड़की पर अलग नाम से चैनल लगा है। सब चैनल में एक ही चीज़ दिखाई जाती है।
किसानों को या किसी को यह खेल तभी समझना चाहिए। जब आप मुसीबत में आते हैं तो पत्रकार खोजते हैं। जब आप मुसीबत में नहीं होते हैं तो पत्रकार के नाम पर घटिया कलाकार का मनोरंजन देखते हैं। जब बेरोज़गारों का आंदोलन कवर नहीं हुआ जिसमें किसानों के घर के भी लड़के थे तो किसान को क्यों कवर करेगा?
क्या अख़बारों ने उनके आंदोलन को ठीक से कवर किया? एक संस्करण में छापा या ? किसानों को अब खुद से भी पूछना चाहिए। अब देर हो चुकी है। उन्हें बिना मीडिया के ही अपना संघर्ष करना चाहिए। मीडिया नहीं आएगा। मीडिया और पत्रकारिता की हत्या कर दी गई है। लोकतंत्र की लड़ाई मीडिया के ख़िलाफ़ जनआंदोलन के बग़ैर नहीं लड़ी जाएगी। न लड़ी जा सकेगी।


Comments

Popular posts from this blog

Bollywood Celebrities Phone Numbers | Actors, Actresses, Directors Personal Mobile Numbers & Whatsapp Numbers

जौनपुर: मुंगराबादशाहपुर के BJP चेयरमैन ने युवती के साथ कई महीने तक किया बलात्कार, देखें वायरल वीडियो

किन्नर बोले- अगर BJP से सरकार नहीं चल रही है तो हमें दे दे कुर्सी, हम सरकार चलाकर दिखा देंगे