संतान की सुरक्षा और लंबी उम्र की कामना के लिए माताओं ने रखा जीवित्पुत्रिका व्रत


गणेश मौर्य
अंबेडकरनगर: हर वर्ष की तरह शहजादपुर शिवाला घाट मंदिर पर महिलाओं की भीड़ उमड़ी आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जितिया या जीवित्पुत्रिका व्रत होता है।
इस वर्ष यह 10 सितंबर दिन गुरुवार को मनाया गया। खासकर यह व्रत महिलाएं पुत्र प्राप्ति और दीर्घायु के लिए रखती हैं इसे खर जिउतिया भी कहा जाता है। शिवाला घाट पर दोपहर से शाम तक खचाखच भीड़ देखने को मिली, महिलाओं ने कई गोठ बनाकर पूजा अर्चना की।
 इस व्रत के बारे में पूछने पर महिलाओं ने बताया कि यह व्रत जीवित्पुत्रिका व्रत को जितिया या जिउतिया या जीमूत वाहन का व्रत आदि नामों से जाना जाता है। इस दिन माताएं विशेषकर पुत्रों ​के दीर्घ, आरोग्य और सुखमय जीवन के लिए यह व्रत रखती हैं।
जिस प्रकार पति की कुशलता के लिए निर्जला व्रत तीज रखा जाता है, ठीक वैसे ही जीवित्पुत्रिका व्रत निर्जला रहा जाता है।आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का प्रारंभ 09 सितंबर दिन बुधवार को दोपहर 01 बजकर 35 मिनट से हो चुका है, जो आज 10 सितंबर दिन गुरुवार को दोपहर 03 बजकर 04 मिनट तक रहेगा।
जीवित्पुत्रिका व्रत रखने वाली माताएं 11 सितंबर दिन शुक्रवार के सुबह सूर्योदय के बाद से दोपहर 12 बजे तक पारण करेंगी। यह व्रत में बिना पानी पिए कठिन नियमों का पालन करते हुए व्रत पूर्ण किया जाता है। संतान की सुरक्षा के लिए माताएं व्रत रहती हैं।

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