अपनी पत्नी को चुनाव लड़वाये तो पोस्टर थोड़ा ऊपर चिपकाए अन्यथा वोटरगण उल्टी सीधी हरकतें कर सकते हैं?


शादाब सलीम
इंदौर में जल्द नगर निगम के चुनाव होने वाले है। मैं खजराना में रहता हूँ जहां नगर निगम के दो वार्ड है। इन दोनों वार्डो को महिला आरक्षित वार्ड कर दिया गया है।
नगर निगम के पार्षद और सरपंच के चुनाव में यदि वॉर्ड महिला हो जाता है तो वार्ड के नेतागण अपनी पत्नियों को चुनाव में खड़ा कर देते है। क्योंकि समाज पुरुषप्रधान है और सारे कामकाज पुरुष ही करते है तो सीधी बात है राजनीति भी पुरुष ही करेंगे अब यदि वार्ड महिला आरक्षित हो जाता है तो बड़ी दिक्कत हो जाती है। ऐसी ही दिक्कत मेरे इलाके के पुरुष नेताओ को भी हो गई है।
अब इलाके के नेतागण अपनी अपनी पत्नियों को चुनाव लड़ाने पर उतर आए है। बेचारी घूंघट पर्दे में रहने वाली महिलाएं चुनाव लड़ने उतर आती है, जिन्होंने कभी अलीफ का नाम भाला नहीं जाना। अब यदि कोई अपनी महिला को चुनाव लड़वाये तो पोस्टर थोड़ा ऊपर चिपकाए अन्यथा वोटरगण उल्टी सीधी हरकतें करते है।

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