मोदी सरकार अपने व्यापारी/ वेतनभोगी नागरिकों से ये आशा करती है...


गिरीश मालवीय 
मोदी सरकार अपने व्यापारी/ वेतनभोगी नागरिकों से आशा करती है कि :
1) बन्द पड़ी दुकानों का पूरा किराया भी दे
2) बन्द दुकानों के बिजली बिल भी पूरे भरे, एक रुपये की छूट न माँगे
3) अगर व्यापार के लिये कोई लोन लिया हो तो उसे भी नियमित रुप से भरे
4) जिन बिलो के पेमेंट नही आए उनका पूरा जीएसटी भी भरे 
5) अपने कर्मचारियों को भी वेतन दे, उन्हें काम से न निकाले
6) दुकानों का गुमाश्ता टेक्स भी भरे साथ ही राज्य सरकार द्वारा लगाए गए सभी टैक्स का भुगतान समय पर करे
7) अपनी गाड़ियों के भी वार्षिक रोड टैक्स भी पूरा भरे चाहे छह महीने से वह वाहन घर मे ही खड़ा हो
8) अगर राज्य सरकार आड-इवन का नियम बनाए तो हफ्ते में 4 दिन दुकान बंद भी रखे
9) खाने पीने की दुकानें शनिवार रविवार बन्द रखे जब सबसे ज्यादा धंधा होने की संभावना है
10) पेट्रोल डीजल की बेतहाशा बढ़ी हुई कीमत पर अपने वाहनों में डलवाए
11) शाम 6 बजे अपनी दुकान बंद कर दे चाहे कितने ही ग्राहक खड़े हो
12) अपने घरों की EMI समय पर भरे चाहे एक क़िस्त भी न चुके जबकि आमदनी एक रुपये की नही हो रही हो....
14) अपने बच्चों की स्कूल फ़ीस का पूरा भुगतान करे कोई छूट न माँगे
13)  सभी तरह के बिल/ टैक्स भुगतान/ EMI भुगतान चुपचाप करे किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन न करे
एक तरफ तो मोदी सरकार चाहती है कि उपरोक्त सभी कार्य भारत का नागरिक बिना चू चपड़ किये बिना पूरी निष्ठा से करे लेकिन खुद राज्यों को एक्ट ऑफ गॉड के बहाने सवा दो लाख करोड़ का जीएसटी मुआवजे देने से इनकार कर रही है.......यानी 'एक्ट ऑफ गॉड' मोदी सरकार पर ही लागू होगा बड़े बड़े उद्योगपतियों को राहत देने के लिए ही लागू होगा लेकिन भारत के आम नागरिक के लिए लागू नही होगा...... वाह भाई वाह

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