80 करोड़ रूपये का इस तरह किया GST फर्जीवाड़ा, 15 महीने बाद पकड़ा गया आरोपी


पानीपत। करोड़ों रुपये का जीएसटी फर्जीवाड़ा करने वाला सातवां आरोपित मास्टरमाइंड विपुल जिंदल आखिरकार पकड़ा गया। बतादे कि उप आबकारी कराधान अधिकारी, पानीपत सूरत सिंह मलिक का कहना है कि विपुल मित्तल जीएसटी फर्जीवाड़े में मास्टरमाइंड था। 15 महीने से तलाश थी।
ईटीओ अजय कुंडू के नेतृत्व में इसे पकड़ लिया गया है। छह आरोपित पहले ही पकड़े जा चुके हैं। आरोपित को आबकारी कराधान अधिकारी अजय कुंडू की टीम ने सुबह सात बजे अंसल से गिरफ्तार किया।
जिंदल को पकड़ने के लिए स्टेट जीएसटी की टीमें 15 माह से प्रयासरत थीं। बार-बार वह चकमा दे रहा था। अंसल सोसाइटी में ही आरोपित का घर है, जहां से उसे पकड़ा गया। दरअसल जीएसटी फर्जीवाड़े में बीते वर्ष जून माह में एक कार से तीन आरोपितों को पकड़ा गया था।
आरोपित फर्जी बिल व्यापारियों की मुहैया करवाते थे। इससे इनपुट टैक्स क्रेडिट जनरेट कर जीएसटी की चोरी की जाती थी। इस मामले में सीआइए टू ने चार आरोपितों राजेश मित्तल, इंद्र प्रताप सिंह, मनीष कुमार, सतनारायण रोहिल्ला को जून के पहले सप्ताह में गिरफ्तार किया था। इसके अतिरिक्त संजय बालोटिया को पकड़ा गया था।
गौरतलब है कि आरोपित 80 करोड़ रुपये के टैक्स चोरी के मामले में शामिल है। इसी मामले में छह अन्य आरोपित पहले की पकड़े जा चुके हैं। जीएसटी एक्ट की धारा 132 के तहत विपुल जिंदल को गिरफ्तार किया गया। आरोपित को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।

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