कोरोना के बाद डेंगू ने पसारे पैर, हरियाणा के इस जिले में डेंगू का कहर


रोहतक। शहर में डेंगू ने दस्तक दे दी है, अब तक 9 लोग इसके शिकार बन चुके हैं। बतादे कि राज्य सरकार की तरफ से स्थिति स्पष्ट न किए जाने के कारण जिला प्रशासन ने भी कुछ नहीं किया। इसके चलते अब गांवों के निवासियों के लिए गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है। सिविल सर्जन ने पिछले साल भी डेंगू के मरीज मिलने के बाद विकास व पंचायत विभाग को पत्र लिखे थे। विभाग को डेंगू की रोकथाम के लिए गांवों में फॉगिंग मशीनों का प्रबंध करने को कहा था। 

मशीनें का इंतजाम होने के बाद स्प्रे करने वाला लिक्विड सेहत विभाग द्वारा उपलब्ध करवाया जाना था। लेकिन एक साल बाद भी कुछ नहीं हुआ और अब दोबारा डेंगू सीजन आ गया है।  गौरतलब है कि कभी भी एडीस एजिप्टी मच्छर ग्रामीण इलाकों में भी दाखिल हो सकता है। लेकिन गांवों में डेंगू की रोकथाम के लिए बहुत ही कम फॉगिंग मशीनें हैं। इस साल भी समय रहते मशीनों का इंतजाम नहीं किया गया। 

राज्य सरकार ने समय रहते ग्रामीण इलाकों में डेंगू की रोकथाम को लेकर चिंता जताई थी। कुछ माह पहले सरकार की ओर से जिला प्रशासन को एक पत्र भेजा गया था। इसमें जिले के गांवों में उपलब्ध फॉगिंग मशीनों के बारे में जानकारी मांगी गई थी। तब सरकार की ओर से संकेत दिए गए थे कि वह खुद ही फॉगिंग मशीन खरीद कर पंचायतों को सौंप देगी। लेकिन उसके बाद कुछ नहीं हुआ। 

न तो सरकार ने फॉगिंग मशीनें खरीद कर पंचायतों को दीं। न ही यह आदेश दिए कि पंचायतें अपने स्तर पर पंचायती फंड से फॉगिंग मशीनें खरीद लें। प्रशासन द्वारा सरकार को भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक जिले के 126 गांवों में कुल 139 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से सिर्फ 9 के पास ही अपनी फॉगिंग मशीनें हैं। जिनसे से आसपास कुछ ही गांवों को कवर किया जा सकता है।


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