पत्रकार कमल शुक्ला पर हमला, कांग्रेस के नेताओं पर आरोप


रवीश कुमार 

छत्तीसगढ़ भूमकाल के संपादककमल शुक्ला को पीटा गया है। घटना कांकेर की है। आरोप है कि पुलिस तमाशबीन बनी देखती रही और कांग्रेस के स्थानीय नेता कमल शुक्ल को पीटते रहे...वहाँ कांग्रेस की सरकार है। 

कमल शुक्ला वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे एक पत्रकार के साथ हुई मारपीट का विरोध कर रहे थे। वहाँ दूसरे पत्रकार भी मौजूद थे। तभी कुछ गुंडे वहां आ गए और उनके साथ मारपीट करने लगे। वरिष्ठ पत्रकार को गालियां देने लगे और मारने की बात कह रहे थे. कमल शुक्ला को चोट भी लगी है।  

2018 में कमल शुक्ला के ख़िलाफ़ एक विवादित कार्टून को लेकर 'राजद्रोह' का मामला दर्ज़ किया गया था. कई पत्र-पत्रिकाओं से जुड़े रहे कांकेर के पत्रकार कमल शुक्ला बस्तर में पत्रकारों पर हुए माओवादी हमलों के बाद जंगल के इलाकों में माओवादियों के ख़िलाफ़ अभियान चला चुके हैं, बस्तर समेत छत्तीसगढ़ में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए क़ानून बनाए जाने की मांग को लेकर उन्होंने कई आंदोलनों का नेतृत्व किया है.

कांग्रेस बीजेपी की सरकार में पत्रकारों पर हुए हमले का विरोध करती है। लेकिन उसकी सरकार में उसकी पार्टी के कार्यकर्ता भी यही कर रहे हैं। शर्मनाक और निंदनीय घटना है।

इस पोस्ट के बाद कांग्रेस के प्रवक्ता शैलेश नितिन त्रिवेदी का बयान आया है कि मारपीट करने वाला कांग्रेस से निकाला जा चुकाहै। वह निर्दलीय पार्षद है। पुलिस कार्रवाई कर रही है।

उधर पत्रकारों ने राज्यपाल को ज्ञापन दिया है और जाँच की माँग की है। दिल्ली में पत्रकार रोहिणी सिंह ने कई ट्वीट किए हैं यह बताते हुए कि आरोपी हमलावरों का कांग्रेस पार्टी से की संबंध है। उनके सोशल मीडिया पेज पर मुख्यमंत्री की तस्वीर है।


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