डिलीवरी के बाद खुल गए टांके, कराहती रही दिव्यांग, नहीं पसीजा डॉक्टर का दिल....


करनाल। ह‍रियाणा के कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज पर पहले भी लापरवाही करने के आरोप लगते रहे हैं। चाहे कोरोना मरीजों को लेकर हो या फिर मरीजों की देखभाल में लापरवाही का मामला हो, मरीजों के परिजन आरोप लगाते रहते हैं और अस्पताल कान बंद किये रहता है। 


आज फिर मानवता को शर्मसार करने वाला मामला कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज से सामने आया है। यहां डिलीवरी के बाद दिव्यांग महिला को नवजात सहित वार्ड से बाहर निकाल दिया। उसे उल्‍टी हुई तो उसके टांके खुल गए। उसे संभालने के लिए भी कोई नहीं आया। अस्‍पताल गेट में ही उसने रात बिताई।


दिव्यांग महिला नीलम का पति सोमा राम भी दिव्यांग ही है। उसने सुबह तक के लिए मोहलत मांगी, लेकिन नहीं मिली। परेशान दिव्यांग दंपति ने स्टाफ सदस्यों से एक व्हीलचेयर मांगी। लेकिन स्‍टाफ व्‍हील चेयर देने के बजाय रात में ही अस्‍पताल से बाहर जाने को कहा। दिव्यांग दंपति ने नवजात सहित आइपीडी की बिल्डिंग के बाहर ही रात गुजारी। पत्नी को बैठाकर लाया नीचे मूल रूप से गांव बरास के रहने वाले सोमा राम ने बताया कि हाल ही में वह चिड़ाव गांव में रह रहे हैं। 


डाक्टर्स व स्टाफ ने इलाज के नाम पर दुर्व्‍यवहार किया। हम दोनों दिव्यांग हैं, इसलिए उनसे व्हीलचेयर मांगी, वह भी नहीं दी। मजबूर होकर वह अपनी ट्राइसाइकिल लेकर रैंप के माध्यम से वार्ड तक पहुंचाया। इस ट्राइसाइकिल पर अपनी दिव्यांग पत्नी व नवजात को बैठाया ओर वहां आइपीडी ब्लाक के गेट के बाहर जमीन पर चादर बिछाकर रात बितानी पड़ी।


सोमा राम ने आरोप लगाया कि आपरेशन के बाद उसकी दिव्यांग पत्नी को उल्टियां शुरू हो गई। इसकी जानकारी स्टाफ को दी गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की। उलटियाें से पेट पर खिंचाव आ गया और आपरेशन के टांके खुल गए। दिव्यांग महिला दर्द से तड़पती रही, लेकिन पत्थर दिल डाक्टर व स्टाफ का दिल नहीं पसीजा। 


मामले को लेकर हंगामा किया तो उसके बाद टांके लगाए गए। लेकिन उसके कुछ दिन बाद ही जब वार्ड बदला जाना था, मेरी पत्नी को व्हील चेयर पर बैठाते समय फिर से टांके टूट गए। कई दिन के बाद डाक्टरों ने दोबारा चीरा देकर आपरेशन किया।


कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज के दुर्रव्यवहार और लापरवाही के मामले को लेकर दिव्यांग अधिकार कल्याण समित ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से जांच की मांग की है। इसके साथ ही लापरवाही के आरोपितों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज में लगातार आ रहे लापरवाही के मामलों को लेकर सजग नहीं है। लापरवाही का कोई ये पहला मामला नहीं है।


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