ग्लोबल गांधी पीस सम्मान में बालिका सुरक्षा पर चर्चा हो-आरती चौरसिया

  


बालिका संरक्षण पर होगी स्वर्ण बालिका बचाओ गोष्टी-ज्ञान प्रकाश तिवारी

शिवाकांत अवस्थी

रायबरेली: आज आयोजक मंडल की महत्वपूर्ण वार्ता में ग्लोबल गांधी पीस सम्मान में बालिका सुरक्षा और भारत में बालिकाओं को हवस का शिकार होते देख, ट्रस्टी आरती चौरसिया ने नाराज़गी जताते हुए सरकार से अपराधियों को फांसी की सजा की मांग की है। राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन भारत ने आज हुई घटना के बाद दम तोड़ने वालों बच्ची की आत्मा को शांति हेतु प्रार्थना की गई।

     आपको बता दें कि, राष्ट्रीय प्रभारी एवं राष्ट्रीय अनुशासन मंत्री ज्ञान प्रकाश तिवारी ने कोरोना में मास्क लगाने के महत्व पर जोर दिया और राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन भारत की तरफ से सभी को मास्क देने की बात कही, उन्होंने कहा कि, यह देश का पहला ऐसा कार्यक्रम है, जिसमें किसी संस्थान द्वारा कार्यक्रम का स्मृति चिन्ह मास्क पर जारी किया गया है। जो राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन परिवार ने जारी किया है तथा सभी सदस्यों को वितरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि, भारत में गांधी जी की विचारधारा पर चलने वाले लोग हैं।

    वहीं जयपुर से राष्ट्रीय अध्यक्ष भाटी जी ने कार्यक्रम को संचालित करने की इच्छा जताई जिसे कमेटी द्वारा पूर्ण सहमति दी गई है। 30 सितम्बर को कार्यक्रम की पूर्ण रूपरेखा जारी की जाएगी। ग्लोबल गांधी पीस अवार्ड की तैयारियों के बीच देश के सभी राज्यो से लोगो के विचार राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन भारत को प्राप्त हो रहे हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन भारत परिवार की ट्रस्टी व राष्ट्रीय प्रभारी ज्ञान प्रकाश तिवारी ने गांधी जी 

के शांति संदेश को ग्लोबल बनाने के भाटी के निर्णय की सराहना की और अपने द्वारा लेख प्रस्तुत किए। आत्मा अजर और अमर है। मृत्यु शाश्वत सत्य। जीवन उद्देस्य है। कर्म सर्वोपरि है। जन जन में परमात्मा का अंश विद्यमान है। वही जीवन का आधार है। सब जन जीवन रूप में समान हैं, परन्तु कर्म उन्हें लोक व्यवहार में अलग करता है। कर्म सुजन एवं दुर्जन की परिभाषाएं तय करता है, कर्म ही दुष्टात्मा अथवा महात्मा रूप में हमारा परिचय कराता है।

     अहिंसात्मक मार्ग के शांति संदेश के साथ विश्व में कल प्रासंगिक थे, आज आवश्यकता हैं और सदा सदा के लिए विश्व में समाहित हो, उसके भविष्य के मार्गदर्शक हैं। गांधी जयंती पर ग्लोबल गांधी पीस अवार्ड्स के माध्यम से राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन  भारत शांति संदेश को ग्लोबल बनाने का यूँ ही प्रयास करता रहेगा।

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