विदेश में प्यार, उदयपुर में प्रपोज और शादी में दूल्हे ने ...


प्यार या प्रेम एक एहसास है। जो दिमाग से नहीं दिल से होता है प्यार अनेक भावनाओं जिनमें अलग अलग विचारो का समावेश होता है!,प्रेम स्नेह से लेकर खुशी की ओर धीरे धीरे अग्रसर करता है। ये एक मज़बूत आकर्षण और निजी जुड़ाव की भावना जो सब भूलकर उसके साथ जाने को प्रेरित करती है। 

ये किसी की दया, भावना और स्नेह प्रस्तुत करने का तरीका भी माना जा सकता है। सच्चा प्यार वह होता है जो सभी हालातो में आप के साथ हो दुख में साथ दे आप का और आप की खुशियों को अपनी खुशियां माने कहते हैं कि अगर प्यार होता है तो हमारी ज़िन्दगी बदल जाती है पर जिन्दगी बदलती है या नही, यह इंसान के उपर निर्भर करता है। 

दरअसल कुछ ऐसा ही हुआ दीपा खोसला के साथ। बतादे कि दीपा खोसला और ओलेग बुलर की पहली मुलाकात ऑस्ट्रेलिया के एम्स्टर्डम की यूनिवर्सिटी  में हुई थी। दीपा ने ह्यूमन ऑफ बॉम्बे को दिए इंटरव्यू में अपनी लव स्टोरी सुनाई। उन्होंने बताया कि वो ओलेग से कैसे मिलीं और कैसे दोनों की शादी हुई। 

उन्होंने बताया कि ओलेग छात्रसंघ अध्यक्ष था। 'वो जब भी उनसे बात करता तो मुझे बहुत अच्छा लगता था। लेकिन मैं कुछ एक्सप्रेस नहीं कर पाती थी। विश्वविद्यालय में उनका समय केवल छह महीने के लिए ओवरलैप हुआ क्योंकि ओलेग अपने अंतिम वर्ष में थे। दीपा ने कहा, 'हम दोनों के बीच ज्यादा बातचीत नहीं होती थी। 

हम कभी डाइनिंग हॉल में मिलते थे या फिर कैम्पस में एक-दूसरे से टकरा जाते थे ,हमेशा यह थोड़ी-बहुत अस्थिरता थी। ओलेग के यूनिवर्सिटी छोड़ने के बाद दोनों टच में नहीं थे। सिर्फ जन्मदिन पर एक-दूसरे को विश किया करते थे। एक बर्थडे पर ओलेग ने दीपा को मैसेज किया और डिनर के लिए पूछा। उन्होंने कहा, ''ओलेग ने मैसेज किया- अगर तुम एम्स्टर्डम में हो तो, डिनर पर चलते हैं। 

दीपा उस वक्त लंदन में थीं। उन्होंने ओलेग को 6 महीने इंतजार कराया. फिर दोनों एम्स्टर्डम में डिनर पर मिले। उन्होंने कहा, 'जैसे ही मैंने उसे देखा तो ऐसा लग रहा था कि तितलियां मेरे पास घूम रही हैं। वो एक दम परफेक्ट नाइट थी। हम हंसे, खूब बातें की... उसे यह तक पता था कि मैंने अपने कैम्पस के पहले दिन क्या पहना था। 200 स्टूडेंट्स के मिलने के बावजूद. यह हमारी पहली डेट थी। हम दोनों फिर स्काइप के जरिए मिलने लगे। हर दो या तीन हफ्ते में मिलने लगे. दीपा ने कहा, 'मुझे अभी भी हमारा पहला किस याद है. मुझे वो स्टेशन छोड़ने आया था। तभी उसने मुझे अपनी तरफ खींचा और किस किया था। 

साथ में रहने के कुछ दिन बाद, दीपा को वोक की तरफ से डिनर इनवीटेशन मिला। यह ईवेंट उदयपुर में था. वो उदयपुर अकेली गईं, क्योंकि ओलेग को कुछ काम था, जिससे वो नहीं जा पाए। उन्होंने कहा, 'डिनर के दिन, जैसे ही मैं कोर्टयार्ड पहुंची तो वहां ओलेग वहां मौजूद था। वो घुटने पर बैठा था. मैंने पूछा- तुम भारत में क्या कर रहे हो। वो नीचे बैठा और पूछा- क्या तुम मुझसे शादी करोगी। इतना सुनकर मेरे आंखों में आंसू आ गए। 

हालांकि दोनों यूरोपियन और भारतीय तरीके से शादी करना चाहते थे। वो शादी को बिल्कुल अलग तरीके से करना चाहते थे। दोनों ने भारतीय तरीके से शादी की. एक रस्म होती है, जहां दुल्हन दूल्हे के पैर छूती है। जैसे ही यह रस्म आई तो दोनों बोले- महिला ही क्यों? फिर उन्होंने कहा, 'शादी में सबसे पहले ओलेग ने मेरे पैर छुए फिर मैंने उसके पैर छुए। हम दोनों एक दूसरे का सरनेम लगाते हैं। अब ओलेग का पूरा नाम ओलेग बुलर खोसला है और मेरा दीपा बुलर खोसला है। 


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