पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ बाहुबली बेटा


पटना। पिछले 3 साल से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद बिहार के बाहुबली शहाबुद्दीन अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए। दरअसल, तिहाड़ जेल ने उन्हें पैरोल देने से इनकार कर दिया है। वहीं इसके पीछे का कारण लंबी कानूनी प्रक्रिया बताया जा रहा है। गौरतलब है कि शहाबुद्दीन दिल्ली की जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। पटना हाईकोर्ट के 30 अगस्त, 2017 को दिए फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगाई थी। 

शहाबुद्दीन को ये सजा 2004 में हुए दोहरे कत्ल के मामले में सुनाई गई थी। साल 2004 में शहाबुद्दीन और उसके गुर्गों ने रंगदारी नहीं देने पर सीवान के प्रतापपुर गांव में चंदा बाबू के 2 बेटों सतीश और गिरीश रौशन को तेजाब डालकर जिंदा जला दिया था। इस केस में शहाबुद्दीन सहित 4 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। 

 जानकारी के अनुसार, शनिवार को सीवान से राजद के पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन के पिता का निधन हो गया, जिसके चलते उन्होंने तिहाड़ जेल के डीसी के पास पैरोल को लेकर अर्जी लगाई थी। लेकिन उन्हें पैरोल नहीं मिल पाई। 

बता दें कि शहाबुद्दीन के पिता शेख हसिब्बूल्लाह का शनिवार को निधन हो गया। 85 साल के शेख हसिब्बूल्लाह लगभग 2 महीने से बीमार चल रहे थे, जिन्हें इलाज के लिए पटना के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इलाज के बाद उन्हें घर ले जाया गया था, जहां उन्होंने अपने पैतृक निवास पर ही अंतिम सांस ली।

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