क्योंकि इस पर डिबेट से सरकार की नाकामी पर सवाल उठेंगे


कृष्णकांत 

राजस्थान के एक ही परिवार के चार लोगों ने खुदकुशी कर ली. इनमें माता-पिता और दो बच्चे हैं. वजह आर्थिक तंगी बताई जा रही है. परिवार कर्ज से परेशान था. ये परिवार ज्वैलरी का कारोबार करता था और उन पर काफी कर्ज हो गया था. ब्याज माफिया परिवार को प्रताड़ित कर रहा था. 

कुछ दिन पहले दिल्ली के चांदनी चौक में दो ज्वैलर भाइयों ने फांसी लगा ली थी. सुसाइड नोट लिखकर गए थे कि खराब माली हाल​त की वजह से खुदकुशी कर रहे हैं.

लुधियाना के एक मशहूर ज्वैलर पर कर्ज बढ़ गया था. व्यापार घाटे में थे. देनदार पैसे देने का दबाव बना रहे थे. उसने सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली. 

आजकल देश के कई हिस्सों से ऐसी खबरें आ रही हैं. ऐसा लग रहा है कि खुदकुशी करने वालों में ज्वैलर्स की संख्या ज्यादा है.  

कुछ दिन पहले कर्नाटक के एक परिवार के तीन सदस्यों ने खुदकुशी कर ली थी. पुलिस ने कहा था कि उन्हें डर था कि उनकी नौकरी चली जाएगी. 

पंजाब के मानसा में एक किसान ने खुदकुशी कर ली. उनके पास एक एकड़ खेती थी, दो एकड़ ठेके पर उठाया था. फसल खराब हो गई. वह कई दिनों से परेशान था. फंदा लगाकर जान दे दी. 

नोएडा में मार्च से लेकर 5 सितंबर के बीच 165 लोगों ने आत्महत्या की. इस दौरान कोरोना से सिर्फ 47 लोगों की जान गई. खबरों के मुताबिक, ज्यादातर लोग आर्थिक तंगी से परेशान थे. 

आर्थिक तंगी इस तरह गहरा रही है कि आम नागरिक जगह जगह खुदकुशी कर रहे हैं. जबसे लॉकडाउन हुआ है, इस तरह की खबरों की संख्या बढ़ गई है. मीडिया में आत्महत्याओं की खबरें भरी पड़ी हैं. ज्यादातर की वजह आर्थिक है. 

एक स्टार की आत्महत्या पर तीन महीने तक सारी हदें पार कर देने वाले लोग इस पर नहीं डिबेट करते, क्योंकि इसपर डिबेट से सरकार की नाकामी पर सवाल उठेंगे.


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