बात तो गोदी मीडिया के इस झूठ पर भी होनी चाहिए, जो यह प्रचारित कर रहा था कि मोदी के दिए झटकों से घबराकर चीन भाग गया है?


सौमित्र रॉय 

बात तो बिक चुकी गोदी मीडिया के इस झूठ पर भी होनी चाहिए, जो यह प्रचारित कर रहे हैं कि मोदी के दिए झटकों से घबराकर चीन भाग गया। कल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खुद राज्यसभा में बोल रहे थे कि पूर्वी लद्दाख में देपसांग से पेंगॉन्ग झील के उत्तरी छोर तक 65 पैट्रोलिंग प्वॉइंट्स पर भारतीय सेना को रोका जा रहा है।


इसका मतलब समझते हैं ? इसका मतलब है चीन की सेना अभी भी भारत की सीमा में भीतर घुसकर बैठी है। पैट्रोलिंग प्वॉइंट्स बेस कैंप से सरहद के आखिरी छोर तक गश्त के बिंदु होते हैं। ये इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि भारत और चीन के बीच की सीमा का अधिकांश हिस्सा अपरिभाषित है।

इसका यह भी मतलब होता है कि देश यह नहीं जानता कि हमारे सरहद के भीतर घुसी सेना वास्तव में कर क्या रही है? किस तरह की तैयारी में है। सिर्फ उपग्रह के चित्र पूरी सच्चाई नहीं बताते।


इसका एक और मतलब भी है। यह कि इन 65 पैट्रोलिंग प्वॉइंट्स पर चीन की मौजूदगी यानी भारत के 1000 वर्ग किमी हिस्से पर चीन का कब्जा है। लेकिन देश क्या कर रहा है ? देश कंगना के बयानों पर नाच रहा है। देश सरकार के हर झूठ को बार-बार दोहराकर उसे सच बना रहा है। देश आज से आईपीएल के चौके-छक्कों में सब भूल जाएगा। मूर्ख, जाहिल कौम और किसे कहते हैं?


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