क्या आप समझ रहे हैं कि कृषि अध्य्यादेश के विचार का मूल क्या है ?


गिरीश मालवीय 

यह 18 नवंबर  2019 की तस्वीर है हमारे कृषि मंत्री के साथ कृषि सांख्यिकी (आईसीएएस-VIII) के 8 वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में बिल गेट्स जी बैठे हुए है वे कह रहे है  “ आज के समय में जब हमें उत्‍पादन और भोजन की उपलब्‍धता बढ़ाने की आवश्‍यकता है, जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ी चुनौती है "जलवायु परिवर्तन जटिल है और विभिन्न जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप नए बीज विकसित करने सहित विभिन्न हस्तक्षेपों को सीखने की आवश्यकता और इन्‍हें सबसे गरीब किसानों को उपलब्ध कराने की व्‍यवस्‍था होनी चाहिए। 

श्री गेट्स ने कहा कि पूरी दुनिया की 7 अरब आबादी में से छोटे किसानों की संख्‍या दो अरब से ज्‍यादा है। यह एक विशाल समूह है जिसे मदद की आवश्यकता है। जलवायु परिवर्तन प्रभावों के कारण छोटे जोत वाले किसानों का कृषि उत्पादन कम होता जा रहा है जिससे विशेष रूप से सूखा और बाढ़ जैसी अप्रत्याशित जलवायु परिवर्तनों के कारण वे अपनी बचत की गई जमा पूंजी से हाथ धो बैठते हैं। 

उन्‍होंने कहा कि इस सबके बीच अच्छी खबर यह है कि इन चुनौतियों से निबटने के लिए बहुत सारे नवाचार उपलब्‍ध हैं। आज जलवायु परिवर्तन की समस्‍या से निपटने के लिए ‘ नए किस्‍म के बीजों और विशेष रूप से उपलब्ध बीजों को विकसित करने में निवेश को दोगुना करने की आवश्यकता है। ” 

इससे एक दिन पहले  बिल गेट्स ने स्मृति ईरानी के साथ  नई दिल्ली में भारतीय पोषण कृषि कोष की शुरुआत की थी इसका उद्देश्य  भारत के 127 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार की फसलों का भंडार करना बताया गया ताकि कुपोषण की समस्या को दूर किया जा सके और सभी के लिए बेहतर पोषण सुनिश्चित किया जा सके.

अब आप समझ रहे है कि कृषि अध्य्यादेश के विचार का मूल क्या है ?


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