कृषि बिलः सपा नेता सुधीर साहू ने कहा-किसानों को कमजोर न समझें भाजपा, पीढ़ियां माफ नहीं करेंगी।। Raebareli news ।।

  


शिवाकांत अवस्थी

महाराजगंज/रायबरेली: राज्यसभा में पास हुए कृषि से जुड़े इन विधेयकों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सपा के युवा नेता सुधीर साहू ने बिलों को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की। सपा के युवा नेता सुधीर साहू ने कहा कि, इन बिलों को सिलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए, जहां सभी स्टेकहोल्डर्स की बात सुनी जाए। सरकार किसानों को कमजोर न समझे।

    आपको बता दें कि, राज्यसभा में कृषि से जुड़े दो बिल पेश किए गए। लेकिन राजनीतिक दल इन विधेयकों का विरोध कर रहे हैं। उच्च सदन में बिल पेश होने पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, सपा, बसपा, टीआरएस और अकाली दल जैसी पार्टियों ने विरोध किया। किसानों के मुद्दे पर एनडीए की पुरानी सहयोगी अकाली की सांसद हरसिमरत कौर बादल मंत्री पद से पहले ही इस्तीफा दे चुकी हैं। राज्यसभा में कृषि से जुड़े इन विधेयकों पर बातचीत के दौरान युवा सपा नेता ने बिलों को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि, इन बिलों को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए, जहां सभी स्टेकहोल्डर्स की बात सुनी जाए। सरकार किसानों को कमजोर न समझे। सपा नेता ने इसे किसान बिरोधी बिल बताया है।

    सपा नेता ने कहा कि, ऐसे काम कीजिए जो आने वाली पीढ़ी आप को दोषी न ठहराएं। किसान पूछेंगे कि, हमारा जब डेथ वारंट निकाला जा रहा था, तो आप उस वक्त क्या कर रहे थे? भाजपा हम धरती पर स्वर्ग उतारना चाहती हैं, लेकिन वास्तविकता ऐसी नहीं है। क्या भाजपा गारंटी देती हैं कि, किसान अपनी मनचाही कीमतों पर फसल बेच सकेगा? सपा नेता ने कहा कि, कोई किसान का बेटा इस तरह का बिल नहीं बना सकता। जो कुछ है वह सब किसान विरोधी है। उन्होंने कहा कि, सपा इस बिल का विरोध करती है। प्रदेश के किसानों का मानना ​​है कि, ये बिल उनकी आत्मा पर हमला है। इन विधेयकों पर सहमति किसानों के डेथ वारंट पर हस्ताक्षर करने जैसा है। किसान एपीएमसी और एमएसपी में बदलाव के खिलाफ हैं। उन्होंने किसानों के बिल को राज्यों के अधिकारों पर सीधा हमला करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि, सरकार देश में कृषि की संस्कृति को बदलने की योजना बना रही है। यह सरकार 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का वादा करती है। लेकिन मैं बता दूं कि, किसानों की आय 2028 तक भी दोगुनी नहीं हो सकती है। ये सरकार सिर्फ वादा करती है। दो करोड़ नौकरी कहां है। श्री साहू ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, किसानों को गुलाम बना दिया जाएगा। वहीं उन्होंने कृषि बिल के मुद्दे पर सरकार को घेरा और कहा कि, देश की जीडीपी में कम से कम बीस फीसदी का योगदान देने वाले किसान इन विधेयकों से गुलाम बना दिए जाएंगे। यह कृषि विधेयक किसानों को मार देगा और उन्‍हें एक बिकने वाली चीज बना देगा। किसान इस देश की रीढ़  हैं। किसानों की आशंकाओं को दूर किया जाना चाहिए।

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