मनमानी की इंतहा: प्रधान ने अपने घर में बैठकर ही कर दिया कोटेदार के चयन का प्रस्ताव।। Raebareli news ।।

  


कोटेदार के चयन मामला पहुंचा जिलाधिकारी की चौखट, ग्रामीणों का आरोप ब्लाक कर्मी की मिलीभगत से किया कारनामा

ग्रामीणों ने की प्रस्ताव को निरस्त कर नियमानुसार खुली बैठक में कोटेदार के चयन की मांग

शिवाकांत अवस्थी

डीह/रायबरेली: शासन के निर्देशों और नियम कानूनों को ताक पर रखकर ग्राम प्रधान रसन्तीपुर द्वारा कोटेदार के चयन का मामला चर्चा में है। आरोप है कि, ग्राम प्रधान ने दबंगई दिखाते हुए ग्राम पंचायत भवन में प्रस्तावित खुली बैठक को धता बताते हुए कोटेदार के चयन की बैठक अपने आवास पर ही कर ली, तथा अपने चहेते को कोटा दिलाने का मंसूबा पूरा कर लिया। मामले में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मामले की शिकायत की है, तथा ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी तथा अभिषेक के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए कोटा चयन कथित पारित प्रस्ताव निरस्त करवा कर नए सिरे से किसी सक्षम अधिकारी की मौजूदगी में ग्राम पंचायत भवन या अन्य किसी सार्वजनिक स्थल पर बाकायदे खुली बैठक बुलाने की कार्यवाही करने की मांग की है।


    आपको बता दें कि, बीते शुक्रवार को एसडीएम सदर के निर्देश पर रसन्तीपुर गांव के कोटेदार के चयन की प्रक्रिया करने का निर्देश दिया गया था। नियम यह है कि, सार्वजनिक स्थल पर गांव सभा की खुली बैठक बुलाकर कोटेदार का चयन बहुमत के आधार पर हाथ उठाकर कराया जाए, जिसमें ब्लाक से वीडीओ अफसर का कोई अधिकारी और पूर्ति विभाग से किसी प्रतिनिधि का रहना अनिवार्य होता है। गांव निवासी अनिल कुमार तिवारी ने आरोप लगाया है कि, ग्राम प्रधान राजेश मौर्य ने नियम कानूनों को दरकिनार रखते हुए ग्राम पंचायत अधिकारी सुषमा वर्मा व अभिषेक कुमार को अपने घर ले गए और मनमाने तरीके से कोटा का प्रस्ताव पारित करा लिया। यह भी आरोप है कि, लिखा पढ़ी में अपने परिवार के लोगों को एकत्र कर लोगों के फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे बना लिए गए।



   जब जनता को इस बात की खबर मिली कि, प्रधान ने नियम कानूनों को ताक पर रखकर कर्मचारियों की मिलीभगत से अपने चहेते को कोटा दे दिया है, तो गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने आक्रोश में आकर प्रधान की कार्यवाही का विरोध करते हुए जिलाधिकारी रायबरेली के कार्यालय पहुंचे, और एक शिकायती पत्र देकर कोटा चयन की फर्जी कार्यवाही को निरस्त करवा कर, नए सिरे से किसी सक्षम अधिकारी को मौके पर भेजकर नियम कानून के तहत कोटेदार का चयन करवाने की मांग की है।

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