वित्त मंत्री भारत सरकार को कार्यवाही हेतु भेजा गया फैक्स।। Raebareli news ।।

  


आन्ध्रा बैंक मैनेजर द्वारा की जा रही है छः करोड़ रूपये की हेराफेरी-ओ.पी. यादव

हत्यारोपी जगदीप कुमार के दबाव में बैंक मैनेजर नहीं कर रहे हैं कोर्ट में पैरवी

शिवाकांत अवस्थी

रायबरेली: आन्ध्रा बैंक की रायबरेली शाखा के मैनेजर द्वारा 6 करोड़ रूपये की हेराफेरी कर जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा गोलमाल किये जाने का प्रयास किया जा रहा है। सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व डीजीसी ओ.पी. यादव ने भारत सरकार के वित्त मन्त्री निर्मला सीतारमण को फैक्स भेजकर कार्यवाही किये जाने की मांग की है।

     आपको बता दें कि, वित्त मन्त्री को भेजे गये फैक्स में लिखा गया है कि, आन्ध्रा बैंक शाखा रायबरेली से मेसर्स यश फूड्स के पार्टनर जगदीप कुमार, शकुंतला देवी व आयुष कुमार एवं गारन्टर अशोक कुमार ने शाखा प्रबन्धक से सांठ-गांठ कर 5,98,00,000/- का ऋण लिया था। ऋण की अदायगी न होने पर बैंक ने अन्तर्गत धारा-14 अधिनियम वित्तीय परिसम्पत्तियों के प्रतिभूतिकरण तथा पुननिर्माण एवं प्रतिभूतिहित प्रवर्तन (सरफेसी) अधिनियम 2002 वाद संख्या-01215/2018 आन्ध्रा बैंक बनाम् मेसर्स यश फूड्स व अन्य का वाद अपर जिलाधिकारी प्रशासन रायबरेली के यहाँ योजित किया। मान्नीय न्यायालय द्वारा बंधक की गयी सम्पत्तियों को बैंक द्वारा कब्जा किये जाने का आदेश 12-12-2018 को पारित किया गया। आदेश की एक प्रति क्रियान्वयन में सहयोग करने हेतु उप जिला मजिस्ट्रेट महराजगंज एवं थानाध्यक्ष महराजगंज को भेजी गयी। आन्ध्रा बैंक के शाखा प्रबन्धक द्वारा औपचारिकता पूरी करने हेतु एस.डी.एम. महराजगंज को पत्र भेजा गया, एस.डी.एम. महराजगंज ने पत्रांक 7336 पर 11-02-2019 को तहसीलदार महराजगंज को नियमानुसार आ0का0 करायें का आदेश किया गया। तहसीलदार महराजगंज ने पत्राँक-29 पर दिनांक 12-02-2019 को रा.नि./ले. कृपया अनुपालन करें, लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। 

     आन्ध्रा बैंक के शाखा प्रबन्धक द्वारा दूसरा पत्र भी औपचारिकता पूरी करने के उद्देश्य से एस.डी.एम. महराजगंज को पत्र भेजा गया।  एस.डी.एम. महराजगंज ने पत्रांक-830 पर दिनांक 06-09-2019 को तह0 (म0) कृपया प्रकरण की जाँच कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करें का आदेश पारित किया।    तहसीलदार महराजगंज ने पत्रांक 1502 पर दिनांक 09-09-2019 को रा0नि0/ले0 जाँचकर नियमानुसार निस्तारण कर आख्या दें, लेकिन कोई कार्यवाही आज तक नहीं हुई। 

     उल्लेखनीय है कि, इस मामले में एक मुकदमा ऋण वसूली न्यायालय, लखनऊ में विचाराधीन है। जिसमें आगामी तारीख दिनांक 21.10.2020 को फाइनल आग्रूमेन्ट हेतु नियत है। इस मुकदमें में बैंक की तरफ से पैरवी शाखा प्रबंधक, आंध्रा बैंक, रायबरेली स्वयं कर रहे हैं, जो कि विपक्षीगण जगदीप कुमार आदि से पूरी तरह मिले हुए है।     मामले में बैंक की तरफ से पैरवी किए जाने हेतु किसी अन्य अधिकारी/कर्मचारी को नामित किया जाना न्यायहित में अति आवश्यक हैं। आरोप है कि, शाखा प्रबंधक विपक्षीगण से मिलकर मोटी रकम ले चुके हैं, तथा विपक्षीगणों को यह भी आशान्वित किया है कि, ऋण अदायगी नहीं करना पड़ेगा और न ही बंधक सम्पत्ति का कुछ होगा। शाखा प्रबंधक उपरोक्त मुकदमें में कूटरचित तरीके से विपक्षीगणों को बंधक सम्पत्ति में स्थगनादेश दिलवाने की फिराक में हैं, क्योंकि आज की तिथि तक ऋण वसूली न्यायालय (डी.आर.टी.) में पड़ने वाली तिथियों में बैंक की तरफ से कभी भी कोई अधिवक्ता/ अधिकारी/कर्मचारी पैरवी हेतु उपस्थिति ही नहीं हुए, और न ही कोई आपत्ति दाखिल की गयी।  अनपुस्थिति की स्थिति में पूरा फायदा विपक्षीगणों को मिलेगा एवं बैंक के उक्त रूपये 5,98,00,000/- (रूपये पाँच करोड़ अट्ठानबे लाख) का भारी नुकसान होगा। 

       फैक्स के माध्यम से वित्त मन्त्री से मांग की गयी है कि, जनहित एवं न्यायहित में न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराके जनता की गाढ़ी कमाई का बैंक में जमा पैसा वसूलने हेतु बंधक सम्पत्तियों पर बैंक को भौतिक कब्जा दिलाया जाए एवं ऋण वसूली न्यायालय (डी.आर.टी.) मेें पड़ने वाली आगामी तिथि 21-10-2020 को  बैंक की तरफ से किसी सक्षम न्यायप्रिय अधिकारी एवं अधिवक्ता को उपस्थिति होने हेतु सम्बन्धित को उचित दिशा-निर्देश पारित करने एवं शाखा प्रबन्धक आन्ध्रा बैंक के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाए, क्योंकि शाखा प्रबन्धक हत्यारोपी जगदीप कुमार के दबाव में कोर्ट में पैरवी नहीं कर रहे हैं, और अनुचित तरीके से जगदीप कुमार को फायदा पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं।

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